कथेतर

Non-Fictions

साहित्य, समाज, राजनीति और समकालीन ज्वलंत मुद्दों पर प्रेमचंद की गंभीर वैचारिक कथेतर रचनाएँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत देश की वर्तमान परिस्थिति का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

देश की वर्तमान परिस्थिति

Desh Ki Vartaman Paristhiti

आर्थिक संकट के समय किसानों को भड़काऊ राजनीति और हिंसा से बचाकर महात्मा गांधी के अहिंसक व सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का आह्वान करता सम्पादकीय।

5 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत फौजी कालेज की आयोजना का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

फौजी कालेज की आयोजना

Fauji College Ki Aayojana

प्रेमचंद की टिप्पणी जिसमें उन्होंने भारतीय सेना के सैन्यीकरण और फौजी कालेज की ब्रिटिश योजना की धीमी गति तथा औपनिवेशिक नीयत की आलोचना की है।

3 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गोलमेज़-परिषद् में गोलमाल का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

गोलमेज़-परिषद् में गोलमाल

Golmez Parishad Mein Golmal

प्रेमचंद का सम्पादकीय जिसमें गोलमेज परिषद् के साम्प्रदायिक गतिरोध, ब्रिटिश चालों और शिक्षित वर्ग की स्वार्थपरता की तीखी भर्त्सना करते हुए राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया गया है।

11 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गोरी जातियों का प्रभाव क्यों कम हो रहा है का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

गोरी जातियों का प्रभाव क्यों कम हो रहा है

Gori Jatiyon Ka Prabhav Kyon Kam Ho Raha Hai

लॉर्ड इरविन के कथन के संदर्भ में भारत में गोरी जातियों और पश्चिमी साम्राज्यवाद के नैतिक व सांस्कृतिक पतन के कारणों का प्रेमचंद द्वारा गहरा विश्लेषण।

6 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत हमारे नेताओं की बहकी बातें का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

हमारे नेताओं की बहकी बातें

Hamare Netaon Ki Bahki Batein

मौलाना शौकत अली और सरदार पटेल जैसे शीर्ष नेताओं के उत्तेजक व गैर-जिम्मेदाराना बयानों की आलोचना करते हुए संयम व विनम्रता का आह्वान करता प्रेमचंद का सम्पादकीय।

5 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत कुछ अपने विषय में का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

कुछ अपने विषय में

Kuchh Apne Vishay Mein

'हंस' के प्रथम वर्ष की पूर्णता पर प्रेमचंद का आत्मचिंतन, जिसमें उन्होंने पत्रिका के साहित्यिक आदर्शों और व्यवसायिकता से परे जनसेवा के संकल्प को दोहराया है।

3 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत महात्माजी की विजय-यात्रा का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

महात्माजी की विजय-यात्रा

Mahatma Ji Ki Vijay Yatra

प्रेमचंद का सम्पादकीय जिसमें महात्मा गांधी की लंदन गोलमेज यात्रा के संदर्भ में ब्रिटिश कूटनीति और साम्प्रदायिक एकता की अनिवार्य आवश्यकता का विश्लेषण किया गया है।

7 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मानसिक पराधीनता का कवर इमेज
निबंध
कथेतर1931

मानसिक पराधीनता

Mansik Paradhinata

औपनिवेशिक मानसिकता और मानसिक दासता के खतरों पर प्रेमचंद का विचारोत्तेजक निबंध, जिसमें उन्होंने वास्तविक स्वराज्य हेतु सांस्कृतिक स्वाभिमान पर बल दिया।

18 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मिर्जापुर कांफ्रेंस में एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

मिर्जापुर कांफ्रेंस में एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव

Mirzapur Conference Mein Ek Mahattvapoorn Prastav

मिर्जापुर कांफ्रेंस में युसुफ इमाम द्वारा प्रस्तुत उस ऐतिहासिक प्रस्ताव का समर्थन, जिसमें कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को सांप्रदायिक राजनीति से अलग रहने का आह्वान किया गया था।

4 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मिस्टर हरविलास शारदा का नया कानून का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1931

मिस्टर हरविलास शारदा का नया कानून

Mr Harbilas Sharda Ka Naya Kanoon

विधवाओं को उनके दिवंगत पति की संपत्ति पर अधिकार दिलाने के लिए हरविलास शारदा द्वारा लाए जा रहे विधेयक का प्रेमचंद स्वागत करते हैं और इसे सदियों पुराने सामाजिक अन्याय का अंत बताते हैं।

1 मिनट