Cover Image for Mr Harbilas Sharda Ka Naya Kanoon (मिस्टर हरविलास शारदा का नया कानून) by Munshi Premchand - Non-Fiction
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सम्पादकीय•1931•1 मिनट

मिस्टर हरविलास शारदा का नया कानून

Mr Harbilas Sharda Ka Naya Kanoon

विधवाओं को उनके दिवंगत पति की संपत्ति पर अधिकार दिलाने के लिए हरविलास शारदा द्वारा लाए जा रहे विधेयक का प्रेमचंद स्वागत करते हैं और इसे सदियों पुराने सामाजिक अन्याय का अंत बताते हैं।

Work Details

प्रकार: सम्पादकीय
वर्ष: 1931
पठन समय: 1 मिनट (116 शब्द)

सामाजिक प्रश्नों में हम सरकारी हस्तक्षेप के पक्षपाती नहीं और हमारे विचार में विवाह की अवस्था का कानून जारी कराके हमने वह काम कानून से किया, जो जनता के विचारों के सुधार से ही हो सकता है। मगर विधवाओं को अपने स्वर्गारोही पति की जायदाद पर अधिकार दिलाने का जो बिल मि० शारदा पेश करने जा रहे हैं उससे एक बड़े भारी सामाजिक अन्याय का परिशोध होगा। हिन्दू समाज ने अपनी देवियों के साथ बहुत दिनों जुल्म किया और अब इस जुल्म की जड़ खोदने में विलम्ब न करना चाहिए। हमें आशा है, मि० शारदा के इस बिल का देश स्वागत करेगा।


प्रकाशन इतिहास

[सम्पादकीय। 'हंस', जनवरी 1931 में प्रकाशित। 'विविध प्रसंग' भाग-3 में संकलित।]

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शोध एवं शोध-पत्रों के लिए अकादमिक संदर्भ

Premchand, Munshi. "मिस्टर हरविलास शारदा का नया कानून." *Munshi Premchand Digital Archive*, 1931, https://munshipremchand.com/works/non-fictions/mr-harbilas-sharda-ka-naya-kanoon. Accessed 22 Sep. 2026.