भारतीय चित्रकला
Bharatiya Chitra-Kala
भारतीय चित्रकला की प्राचीन परंपरा, राष्ट्रीय पुनर्जागरण, बाबू अवनीन्द्रनाथ ठाकुर के बंगाल स्कूल के योगदान और पश्चिमी पूर्वाग्रहों के निराकरण पर मुंशी प्रेमचंद का एक अत्यंत सारगर्भित सांस्कृतिक निबंध।
Non-Fictions
साहित्य, समाज, राजनीति और समकालीन ज्वलंत मुद्दों पर प्रेमचंद की गंभीर वैचारिक कथेतर रचनाएँ।
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Bharatiya Chitra-Kala
भारतीय चित्रकला की प्राचीन परंपरा, राष्ट्रीय पुनर्जागरण, बाबू अवनीन्द्रनाथ ठाकुर के बंगाल स्कूल के योगदान और पश्चिमी पूर्वाग्रहों के निराकरण पर मुंशी प्रेमचंद का एक अत्यंत सारगर्भित सांस्कृतिक निबंध।
Akbar Ki Shayari Par Ek Nazar
अकबर इलाहाबादी की व्यंग्यपरक, सुधारवादी, कौमी एकता और स्वदेशी-समर्थक शायरी की विशेषताओं, शैली और युगीन महत्व पर मुंशी प्रेमचंद का एक उत्कृष्ट और विस्तृत समीक्षात्मक निबंध।
Galiyan
भारतीय समाज में अपशब्दों (गालियों) के अत्यधिक प्रयोग, इसके मनोवैज्ञानिक कारणों और सामाजिक-नैतिक पतन पर मुंशी प्रेमचंद का एक तीखा और विचारोत्तेजक समाजशास्त्रीय निबंध।
Joan of Arc
प्रेमचंद की ‘जोन ऑफ आर्क’ फ्रांस की वीरांगना जोन ऑफ आर्क के जीवन और बलिदान पर आधारित ऐतिहासिक-जीवनीपरक रचना है। प्रेमचंद एक साधारण ग्रामीण परिवार की युवती के रूप में जोन के आरंभिक जीवन से लेकर फ्रांस की मुक्ति के लिए उसके संघर्ष, युद्ध में उसकी वीरता, उसके साथ हुए विश्वासघात और अंततः उसके बलिदान तक की कथा प्रस्तुत करते हैं। रचना में देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा, साहस और मातृभूमि के लिए आत्मबलिदान को विशेष महत्त्व दिया गया है।
Zulekha
‘ज़ुलेखा’ प्रेमचंद का एक हिंदी निबंध है जिसमें फ़ारसी साहित्य की प्रसिद्ध यूसुफ़-ज़ुलेखा प्रेमकथा और विशेषतः जामी की मसनवी का विवेचन किया गया है। प्रेमचंद ज़ुलेखा के सौंदर्य, प्रेम, विरह, आकांक्षा, निराशा और अंततः यूसुफ़ से उसके विवाह की कथा प्रस्तुत करते हैं। साथ ही वे ज़ुलेखा के प्रेम की प्रकृति पर आलोचनात्मक दृष्टि डालते हुए उसे केवल उच्च आध्यात्मिक प्रेम मानने के बजाय वासना, आसक्ति और मानवीय दुर्बलता से जुड़ा हुआ प्रेम मानते हैं।
Chitra-Kala
कविता और चित्रकला के परस्पर संबंध, सौंदर्यबोध और समाज में कलात्मक चेतना के विकास पर मुंशी प्रेमचंद का एक महत्वपूर्ण कला-समीक्षात्मक निबंध।
Deshi Cheezon Ka Prachar Kaise Badh Sakta Hai
मुंशी प्रेमचंद का एक विचारोत्तेजक निबंध जिसमें भारतीय उद्योग-धंधों की उन्नति, विज्ञापनों का महत्व और ग्रामीण बाजारों में स्वदेशी वस्तुओं के प्रसार की व्यावहारिक योजना प्रस्तुत की गई है।
Khandan-e-Mushtarqa
मुंशी प्रेमचंद का एक महत्वपूर्ण समाजशास्त्रीय निबंध, जिसमें संयुक्त परिवार प्रणाली के ऐतिहासिक कारणों, गुणों, दोषों और आधुनिक समाज में सुधार की आवश्यकता पर विचार किया गया है।
Hathi-Dant
प्रेमचंद का निबंध 'हाथी-दांत' हाथी-दांत के प्राकृतिक इतिहास, इसे प्रदान करने वाले जीवों, इसके शिकार के तरीकों, इसकी विशेषताओं और इसके वैश्विक व्यापार का विस्तृत और रोचक विवेचन करता है।