गबन
Gaban
प्रेमचंद का उपन्यास 'गबन' रमानाथ की कहानी है जो अपनी पत्नी जालपा के गहनों के शौक को पूरा करने के लिए गबन कर बैठता है।
Novels
भारतीय समाज, ग्रामीण जीवन और मानवीय संवेदनाओं को गहराई से उकेरते प्रेमचंद के कालजयी उपन्यास।
13 रचनाएँ
Gaban
प्रेमचंद का उपन्यास 'गबन' रमानाथ की कहानी है जो अपनी पत्नी जालपा के गहनों के शौक को पूरा करने के लिए गबन कर बैठता है।
Godaan
प्रेमचंद की महान रचना 'गोदान' किसान होरी की कहानी है जो जीवन भर गाय की कामना करता है। यह ग्रामीण भारत के शोषण का मार्मिक चित्रण है।
Karmabhoomi
प्रेमचंद का उपन्यास 'कर्मभूमि' अमरकांत की कहानी है जो अपना संपन्न जीवन छोड़कर स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए लड़ता है।
Kayakalp
प्रेमचंद का उपन्यास 'कायाकल्प' सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष, हिंदू-मुस्लिम संबंधों, प्रेम, सत्ता, पुनर्जन्म और नैतिक परिवर्तन के प्रश्नों को एक साथ प्रस्तुत करता है।
Mangalsutra
प्रेमचंद का अंतिम अपूर्ण उपन्यास 'मंगलसूत्र' देवकुमार के साहित्यिक जीवन के माध्यम से आदर्शवाद, पारिवारिक जिम्मेदारियों, संपत्ति, धन, विवाह और बदलते सामाजिक दृष्टिकोणों के बीच संघर्ष को प्रस्तुत करता है।
Nirmala
प्रेमचंद का उपन्यास 'निर्मला' एक युवा लड़की की त्रासदी है जिसकी शादी दहेज के कारण एक बूढ़े विधुर से होती है। यह दहेज प्रथा की बुराई का मार्मिक चित्रण है।
Pratigya
प्रेमचंद का उपन्यास 'प्रतिज्ञा' विधवा-विवाह, सामाजिक रूढ़ियों और स्त्री की विवशता के प्रश्न को अमृतराय की प्रतिज्ञा और पूर्णा के जीवन के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
Prema
प्रेमचंद का उपन्यास 'प्रेमा' विधवा-विवाह, सामाजिक सुधार, धार्मिक पाखंड और व्यक्तिगत प्रेम तथा सामाजिक आदर्शों के संघर्ष को प्रस्तुत करता है।
Premashram
प्रेमचंद का उपन्यास 'प्रेमाश्रम' किसानों और जमींदारों के संघर्ष, भूमि-अधिकार, शोषण और सामाजिक परिवर्तन की कहानी है।
Rangbhoomi
प्रेमचंद का महाकाव्यात्मक उपन्यास 'रंगभूमि' सूरदास नामक एक अंधे भिखारी की कहानी है जो अंग्रेज़ी औद्योगीकरण का विरोध करता है।
Roothi Rani
प्रेमचंद का ऐतिहासिक उपन्यास 'रूठी रानी' उमादे और राव मालदेव की कथा के माध्यम से राजपूती वीरता, आपसी राजनीतिक संघर्ष, राजदरबारी षड्यंत्र, बहुविवाह, स्त्री की स्थिति और व्यक्तिगत सम्मान तथा राजसत्ता के तनाव को प्रस्तुत करता है।
Sevasadan
प्रेमचंद का उपन्यास 'सेवासदन' सुमन के जीवन के माध्यम से विवाह, दहेज, स्त्री-पराधीनता, वेश्यावृत्ति और सामाजिक सुधार के प्रश्नों को प्रस्तुत करता है।