कथेतर

Non-Fictions

साहित्य, समाज, राजनीति और समकालीन ज्वलंत मुद्दों पर प्रेमचंद की गंभीर वैचारिक कथेतर रचनाएँ।

93 रचनाएँ

मुंशी प्रेमचंद कृत उपन्यास का विषय का कवर इमेज
कथेतर1939

उपन्यास का विषय

Upanyas Ka Vishay

प्रेमचंद का निबंध 'उपन्यास का विषय' उपन्यासकार के लिए उपलब्ध विषयों की विस्तृत श्रृंखला की पड़ताल करता है, जिसमें मानव-चरित्र, भावनाएँ, सामाजिक जीवन, यथार्थवाद और उपन्यास के विषय और उसकी कथा संरचना के बीच संबंध पर जोर दिया गया है।

17 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत एक भाषण का कवर इमेज
भाषण
कथेतर1936

एक भाषण

Ek Bhashan

प्रेमचंद का निबंध 'एक भाषण' उनके द्वारा लाहौर में आयोजित आर्यभाषा सम्मेलन में दिया गया भाषण है, जिसमें उन्होंने भाषा, साहित्य और हिन्दी और उर्दू के संबंध पर चर्चा की।

39 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत साहित्य का उद्देश्य का कवर इमेज
विशेष
कथेतर1936

साहित्य का उद्देश्य

Sahitya Ka Uddeshya

प्रेमचंद का निबंध 'साहित्य का उद्देश्य' प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्षीय भाषण के रूप में 1936 में दिया गया था, जो साहित्य के उद्देश्य को परिभाषित करता है।

37 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दक्षिण भारत में हमारी हिन्दी प्रचार-यात्रा का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1935

दक्षिण भारत में हमारी हिन्दी प्रचार-यात्रा

Dakshin Bharat Mein Hamari Hindi Prachar Yatra

दक्षिण भारत में हिन्दी प्रचार सभा के कार्यों और वहां के लोगों के उत्साह को अपनी आंखों से देखकर प्रेमचंद द्वारा लिखा गया प्रेरक यात्रा-संस्मरण।

45 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत हिन्दी राष्ट्रभाषा होगी का कवर इमेज
भाषण
कथेतर1935

हिन्दी राष्ट्रभाषा होगी

Hindi Rashtrabhasha Hogi

खंडवा में पं० माखनलाल चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में प्रेमचंद का ओजस्वी भाषण, जिसमें उन्होंने हिन्दी को भारत की स्वाभाविक राष्ट्रभाषा घोषित किया।

7 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत क़ौमी भाषा के विषय में कुछ विचार का कवर इमेज
कथेतर1934

क़ौमी भाषा के विषय में कुछ विचार

Kaumi Bhasha Ke Vishay Mein Kuch Vichar

प्रेमचंद का निबंध 'क़ौमी भाषा के विषय में कुछ विचार' एक सामान्य राष्ट्रीय भाषा के महत्व, इसके समाज और राष्ट्रीय एकता के साथ संबंध, और भारत भर में लोगों को जोड़ने में हिन्दी और हिन्दुस्तानी की भूमिका की पड़ताल करता है।

36 मिनट