कथेतर

Non-Fictions

साहित्य, समाज, राजनीति और समकालीन ज्वलंत मुद्दों पर प्रेमचंद की गंभीर वैचारिक कथेतर रचनाएँ।

पृष्ठ 6 / 8

मुंशी प्रेमचंद कृत नवां आर्डिनेन्स का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1930

नवां आर्डिनेन्स

Nawan Ordinance

प्रेमचंद ने कांग्रेस की संपत्तियां जब्त करने वाले नवें आर्डिनेन्स की निरर्थकता बताते हुए कहा है कि जनता की अगाध सहानुभूति ही राष्ट्र का अटूट कोष है।

2 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत 'चांद' का मारवाड़ी अंक का कवर इमेज
टिप्पणी
कथेतर1929

'चांद' का मारवाड़ी अंक

Chand Ka Marwari Ank

प्रेमचंद की टिप्पणी ''चांद' का मारवाड़ी अंक' 'चांद' पत्रिका के विशेषांक में व्यवसायिकता और सनसनीखेज सामग्री के उपयोग पर तीखी आलोचना प्रस्तुत करती है।

4 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गुरुकुल कांगड़ी में तीन दिन का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1928

गुरुकुल कांगड़ी में तीन दिन

Gurukul Kangri Mein Teen Din

हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी में बिताए तीन दिनों का प्रेमचंद द्वारा लिखा गया सजीव संस्मरण, जिसमें वहां की सादगी, अनुशासन और शिक्षा-प्रणाली की सराहना की गई है।

12 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गल्पांक का प्रस्ताव का कवर इमेज
सम्पादकीय
कथेतर1926

गल्पांक का प्रस्ताव

Galpak Ka Prastav

प्रेमचंद का सम्पादकीय 'गल्पांक का प्रस्ताव' 'चांद' पत्रिका द्वारा कहानी विशेषांक (गल्पांक) प्रकाशित करने के प्रस्ताव और हिन्दी गल्प के विकास पर विचार व्यक्त करता है।

32 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत देशबन्धु चितरंजन दास का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1925

देशबन्धु चितरंजन दास

Deshbandhu Chittaranjan Das

महान स्वतंत्रता सेनानी देशबन्धु चितरंजन दास के निधन पर प्रेमचंद की भावभीनी श्रद्धांजलि और उनके अप्रतिम राष्ट्रप्रेम व त्याग का मूल्यांकन।

22 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत उपन्यास का कवर इमेज
कथेतर1925

उपन्यास

Upanyas

प्रेमचंद का निबंध 'उपन्यास' उपन्यास लेखन की कला की पड़ताल करता है, मानव-चरित्र के चित्रण के माध्यम से उपन्यास को परिभाषित करता है और यथार्थवाद, आदर्शवाद, कथानक, चरित्र-निर्माण और साहित्यिक सामग्री के स्रोत के रूप में जीवन के उपयोग का अन्वेषण करता है।

26 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत हिन्दू-मुस्लिम प्रश्न का कवर इमेज
निबंध
कथेतर1924

हिन्दू-मुस्लिम प्रश्न

Hindu-Muslim Prashna

हिन्दू-मुस्लिम समस्या के कारणों और समाधान पर प्रेमचंद का संतुलित व दूरदर्शी निबंध, जिसमें आपसी सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया है।

18 मिनट