निबंध — कथेतर

Essays

साहित्य, भाषा, शिक्षा और समाज पर प्रेमचंद के गंभीर वैचारिक निबंध।

22 रचनाएँ

मुंशी प्रेमचंद कृत जीवन और साहित्य में घृणा का स्थान का कवर इमेज
निबंध
कथेतर1933

जीवन और साहित्य में घृणा का स्थान

Jeevan Aur Sahitya Mein Ghrina Ka Sthan

जीवन और साहित्य में अन्याय व अनाचार के प्रति घृणा की नैतिक व रचनात्मक उपयोगिता का प्रेमचंद द्वारा किया गया गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण।

13 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत आत्मकथा क्या साहित्य का अंग नहीं है? का कवर इमेज
निबंध
कथेतर1932

आत्मकथा क्या साहित्य का अंग नहीं है?

Aatm-Katha Kya Sahitya Ka Ang Nahin Hai?

प्रेमचंद आत्मकथा को साहित्य का अत्यंत उपयोगी व प्रेरक अंग सिद्ध करते हुए 'हंस' के आत्मकथांक की सार्थकता और महत्ता को रेखांकित करते हैं।

5 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मानसिक पराधीनता का कवर इमेज
निबंध
कथेतर1931

मानसिक पराधीनता

Mansik Paradhinata

औपनिवेशिक मानसिकता और मानसिक दासता के खतरों पर प्रेमचंद का विचारोत्तेजक निबंध, जिसमें उन्होंने वास्तविक स्वराज्य हेतु सांस्कृतिक स्वाभिमान पर बल दिया।

18 मिनट