संस्मरण — कथेतर

Memoirs

प्रेमचंद के निजी संस्मरण, संस्मरणपरक रेखाचित्र और यात्रा वृत्तांत।

6 रचनाएँ

मुंशी प्रेमचंद कृत दक्षिण भारत में हमारी हिन्दी प्रचार-यात्रा का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1935

दक्षिण भारत में हमारी हिन्दी प्रचार-यात्रा

Dakshin Bharat Mein Hamari Hindi Prachar Yatra

दक्षिण भारत में हिन्दी प्रचार सभा के कार्यों और वहां के लोगों के उत्साह को अपनी आंखों से देखकर प्रेमचंद द्वारा लिखा गया प्रेरक यात्रा-संस्मरण।

45 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मुंशी बिशुन नारायण भार्गव का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1931

मुंशी बिशुन नारायण भार्गव

Munshi Bishun Narayan Bhargav

नवलकिशोर प्रेस के अधिष्ठाता मुंशी बिशुन नारायण भार्गव के व्यक्तित्व, उदारता और भारतीय प्रकाशन जगत में योगदान पर प्रेमचंद की श्रद्धांजलि।

11 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गुरुकुल कांगड़ी में तीन दिन का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1928

गुरुकुल कांगड़ी में तीन दिन

Gurukul Kangri Mein Teen Din

हरिद्वार स्थित गुरुकुल कांगड़ी में बिताए तीन दिनों का प्रेमचंद द्वारा लिखा गया सजीव संस्मरण, जिसमें वहां की सादगी, अनुशासन और शिक्षा-प्रणाली की सराहना की गई है।

12 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत देशबन्धु चितरंजन दास का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1925

देशबन्धु चितरंजन दास

Deshbandhu Chittaranjan Das

महान स्वतंत्रता सेनानी देशबन्धु चितरंजन दास के निधन पर प्रेमचंद की भावभीनी श्रद्धांजलि और उनके अप्रतिम राष्ट्रप्रेम व त्याग का मूल्यांकन।

22 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मुंशी गोरखप्रसाद 'इबरत' का कवर इमेज
संस्मरण
कथेतर1919

मुंशी गोरखप्रसाद 'इबरत'

Munshi Gorakhprasad Ibrat

गोरखपुर के विख्यात वकील, निस्पृह सिद्धहस्त शायर मुंशी गोरखप्रसाद 'इबरत' (फ़िराक़ गोरखपुरी के पिता) के व्यक्तित्व, दीवान और उनकी सादगीपूर्ण मसनवियों व ग़ज़लों पर मुंशी प्रेमचंद का संस्मरणात्मक लेख।

9 मिनट