नोबल पुरस्कार-प्राप्तकर्त्ता जॉन गाल्सवर्दी
Nobel Puraskar-Praptakarta John Galsworthy
अंग्रेजी के प्रख्यात यथार्थवादी नाटककार व उपन्यासकार जॉन गाल्सवर्दी के जीवन, कला और नोबेल सम्मान पर प्रेमचंद की सारगर्भित समीक्षा।
Criticism
साहित्यिक रचनाओं, कृतियों और लेखकों का प्रेमचंद द्वारा किया गया आलोचनात्मक विवेचन।
9 रचनाएँ
Nobel Puraskar-Praptakarta John Galsworthy
अंग्रेजी के प्रख्यात यथार्थवादी नाटककार व उपन्यासकार जॉन गाल्सवर्दी के जीवन, कला और नोबेल सम्मान पर प्रेमचंद की सारगर्भित समीक्षा।
Karbala - 2
अपने ऐतिहासिक नाटक 'कर्बला' में हिन्दू पात्रों के समावेश को लेकर आलोचकों की शंकाओं का प्रेमचंद द्वारा दिया गया तार्किक व साहित्यिक उत्तर।
Count Tolstoy Aur Fan-e-Latif
महान रूसी विचारक और लेखक लियो टॉल्स्टॉय के कला-सिद्धांत ('सत्कला') पर मुंशी प्रेमचंद का एक विचारोत्तेजक आलोचनात्मक लेख, जिसमें उन्होंने कला को विलास के साधन के बजाय मानव-एकता और नैतिकता का माध्यम बताया।
Bihari
रीतिकाल के सिरमौर कवि बिहारी की 'सतसई', उनकी अनुपम चमत्कार-शैली, फारसी गज़ल से सादृश्य और सौंदर्य-वर्णन पर मुंशी प्रेमचंद का एक अत्यंत सूक्ष्म और गहरा आलोचनात्मक अध्ययन।
Keshav
हिन्दी रीतिकाल के प्रमुख आचार्य कवि केशवदास के पांडित्य, 'रामचन्द्रिका' के संवादों, अलंकार-प्रियता तथा उनके काव्य के गुण-दोषों की मुंशी प्रेमचंद द्वारा निष्पक्ष और पैनी समीक्षा।
Kalidas Ki Kavita
महाकवि कालिदास की कविता में प्रकृति-चित्रण, सौंदर्य-सृष्टि, 'ऋतुसंहार' के ऋतु-वर्णन और उनकी काव्य-कला पर मुंशी प्रेमचंद का एक पांडित्यपूर्ण आलोचनात्मक निबंध।
Bharatendu Babu Harishchandra
आधुनिक हिन्दी गद्य, कविता और नाट्यकला के युगप्रवर्तक भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्र की बहुमुखी प्रतिभा, साहित्यिक योगदान और भाषा-सुधार पर मुंशी प्रेमचंद का एक उत्कृष्ट समीक्षात्मक लेख।
Majnu
अरबी और फारसी काव्य-परंपरा के अमर प्रेमाख्यान 'लैला-मजनूं' में मजनूं के विरह, पागलपन, आत्म-समर्पण और प्रेम-दर्शन पर मुंशी प्रेमचंद का एक विस्तृत एवं भावपूर्ण आलोचनात्मक अध्ययन।
Akbar Ki Shayari Par Ek Nazar
अकबर इलाहाबादी की व्यंग्यपरक, सुधारवादी, कौमी एकता और स्वदेशी-समर्थक शायरी की विशेषताओं, शैली और युगीन महत्व पर मुंशी प्रेमचंद का एक उत्कृष्ट और विस्तृत समीक्षात्मक निबंध।