मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियाँ (भाग-8)
मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी श्रृंखला ‘मानसरोवर भाग-8’ में संकलित कुल 31 अमर रचनाएँ। ऑनलाइन निःशुल्क पढ़ें।
Balidan
प्रेमचंद की कहानी 'बलिदान' बूढ़े हरखू की कहानी है जो मृत्यु के समय अपनी सारी जमा-पूंजी स्वतंत्रता आंदोलन को दान कर देता है।
Adarsh Virodh
प्रेमचंद की कहानी 'आदर्श विरोध' अंग्रेजी शासन के उच्च पद पर पहुँचने के बाद अपने आदर्शों से समझौता करने वाले दयाकृष्ण मेहता और उनके राष्ट्रवादी पुत्र बालकृष्ण के बीच वैचारिक संघर्ष की कहानी है। पिता-पुत्र के आदर्शों का यह टकराव अंततः एक अत्यंत दुखद परिणाम तक पहुँचता है।
Anisht Shanka
प्रेमचंद की कहानी 'अनिष्ट शंका' मनोरमा के गहरे प्रेम, भय और पति के वियोग की कथा है। बुंदेलखंड गए अमरनाथ के पत्र देर से आने पर उसके मन में अनिष्ट की आशंका बढ़ती जाती है। भयानक स्वप्न और ज्योतिषी की भविष्यवाणी उसके भय को और गहरा कर देते हैं और अंततः वह पति से मिलने के लिए निकल पड़ती है, जहाँ एक दुखद दुर्घटना उसका जीवन समाप्त कर देती है।
Baudam
प्रेमचंद की कहानी 'बौड़म' मुहम्मद खलील की कहानी है, जिसे लोग उसकी आदर्शवादिता और निःस्वार्थता के कारण बौड़म समझते हैं। वह धन और स्वार्थ के पीछे भागने के बजाय अन्याय का विरोध करता है, खिलाफत आंदोलन का समर्थन करता है, गायों की रक्षा करता है और जाति-धर्म से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की सहायता करता है।
Budhi Kaki
प्रेमचंद की कहानी 'बूढ़ी काकी' एक वृद्ध और असहाय स्त्री की मार्मिक कहानी है, जिसने अपनी संपत्ति भतीजे को सौंप दी है लेकिन बदले में उसे उपेक्षा और अपमान मिलता है। विवाह के अवसर पर एक छोटी लड़की की करुणा परिवार की स्वार्थपरता को उजागर करती है और बूढ़ी काकी को फिर से सम्मान और स्नेह मिलता है।
Bodh
प्रेमचंद की कहानी 'बोध' पंडित चंद्रधर नामक एक अल्पवेतन शिक्षक की कहानी है, जो अपने प्रभावशाली पड़ोसियों के ठाट-बाट से ईर्ष्या करते हैं। अयोध्या की यात्रा और अपने पुराने शिष्य कृपाशंकर से मुलाकात के बाद उन्हें अपने शिक्षक पद की गरिमा और महत्त्व का बोध होता है।
Brahm Ka Swaang
प्रेमचंद की कहानी 'ब्रह्म का स्वांग' जातिगत भेदभाव, धार्मिक रूढ़ियों और सामाजिक पाखंड पर तीखा व्यंग्य है। वृन्दा का पति उसे आत्मा की समानता और सभी मनुष्यों की एकता का उपदेश देता है, लेकिन जब वृन्दा इन सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने लगती है, तो उसके पति का अपना आडंबर और स्वार्थ उजागर हो जाता है।
Daftari
प्रेमचंद की कहानी 'दफ्तरी' रफाकत हुसैन की कहानी है, जो कम वेतन में भी संतोषपूर्वक जीवन बिताता है और अपनी पहली पत्नी से गहरा प्रेम करता है। उसकी मृत्यु के बाद दूसरा विवाह उसके जीवन को आर्थिक संकट, घरेलू कलह और कर्ज में डाल देता है।
Beti Ka Dhan
प्रेमचंद की कहानी 'बेटी का धन' में गंगाजली अपने गहने बेचकर पिता को कर्ज़ से बचाती है।
Dharm Sankat
प्रेमचंद की कहानी 'धर्मसंकट' कामिनी और रूपचंद के प्रेम-संबंध तथा उससे उत्पन्न नैतिक संकट की कहानी है। कामिनी द्वारा अदालत में रूपचंद को पहचानने से इनकार करने के बाद रूपचंद के सामने उसके रहस्य को उजागर करने या उसकी लाज बचाने का कठिन निर्णय आता है।
Gupt Dhan
प्रेमचंद की कहानी 'गुप्त धन' दो भाइयों रामनाथ और हरिदत्त की कहानी है, जिनके जीवन में छिपे हुए धन की खोज लोभ, संदेह और पारिवारिक संघर्ष पैदा कर देती है। कहानी धन के मोह की विनाशकारी शक्ति और मानवीय संबंधों के महत्व को सामने लाती है।
Dussahas
प्रेमचंद की कहानी 'दुस्साहस' लखनऊ के मुख्तार मुंशी मैकूलाल की कहानी है, जिनका जीवन शराब और नशे की महफिलों में बीतता है। शराब की दुकान पर स्वराज्य आंदोलन के स्वयंसेवकों के धरने का विरोध करने पहुँचने पर उनका सामना स्वामी घनानंद के नैतिक प्रभाव से होता है और अंततः वे शराब छोड़ने का निर्णय लेते हैं।
Haar Ki Jeet
प्रेमचंद की कहानी 'हार की जीत' डाकू खड़गसिंह और बाबा भारती की कहानी है। बाबा भारती अपने घोड़े सुल्तान से अत्यंत प्रेम करते हैं। जब खड़गसिंह छल से सुल्तान को चुरा लेता है, तो बाबा भारती का विश्वास और मानवीय करुणा उसके हृदय को बदल देती है और वह अंततः घोड़ा लौटा देता है।
Gareeb Ki Haay
प्रेमचंद की कहानी 'गरीब की हाय' मूँगा नामक एक गरीब विधवा की कहानी है, जिसके धन को चाँदपुर गाँव के प्रतिष्ठित मुंशी रामसेवक हड़प लेते हैं। न्याय न मिलने और अपमान सहने के बाद मूँगा की मृत्यु के पश्चात उसकी 'हाय' का भय रामसेवक और उसके परिवार पर छा जाता है।
Khoon Safed
खून सफेद प्रेमचंद की कहानी है जो दिखाती है कि कैसे अमीर गरीबों का शोषण करते हैं, उनकी नसों में इंसानियत रहित 'सफेद खून' बहता है।
Jwalamukhi
प्रेमचंद की कहानी 'ज्वालामुखी' एक बेरोजगार युवक की रहस्यमय और अलौकिक अनुभवों से भरी कहानी है, जो ऐशगढ़ में एक अत्यंत सुंदर और धनी रमणी का प्राइवेट सेक्रेटरी बनता है। उसके ऐश्वर्य और आकर्षण में फँसते हुए वह धीरे-धीरे उसके भयावह रहस्य को जानता है और एक घातक मोह से बचने के लिए संघर्ष करता है।
Pariksha
प्रेमचंद की कहानी 'परीक्षा' देवगढ़ रियासत के दीवान पद के लिए सरदार सुजानसिंह द्वारा ली गई अनोखी परीक्षा की कथा है, जिसमें केवल सच्चा दयालु और आत्मबली उम्मीदवार ही सफल होता है।
Purva Sanskar
प्रेमचंद की कहानी 'पूर्व-संस्कार' दो भाइयों रामटहल और शिवटहल की विपरीत जीवन-दृष्टि, कर्म और पुनर्जन्म की कथा है। शिवटहल की मृत्यु के वर्षों बाद रामटहल अपने प्रिय बैल जवाहिर में एक असाधारण आत्मीयता अनुभव करते हैं। उसकी मृत्यु और एक साधु के रहस्योद्घाटन से उन्हें पूर्व कर्मों, प्रायश्चित और अपने जीवन के प्रति नई दृष्टि का बोध होता है।
Mooth
प्रेमचंद की कहानी 'मूठ' अंधविश्वास, भय और तर्क के बीच के संघर्ष को प्रस्तुत करती है। बीमारी और अलौकिक शक्ति के विश्वास से जुड़ी घटना के माध्यम से प्रेमचंद दिखाते हैं कि भय और अंधविश्वास मनुष्य के अनुभव और सोच को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं।
Pashu Se Manushya
प्रेमचंद की कहानी 'पशु से मनुष्य' गरीब माली दुर्गा की कहानी है, जिसे डॉक्टर मेहरा के यहाँ शोषण और अपमान सहना पड़ता है। प्रेमशंकर के सहकारी बाग में पहुँचकर उसे सम्मान, न्याय और आत्मसम्मान मिलता है और उसका जीवन बदल जाता है।
Namak Ka Daroga
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'नमक का दारोगा' ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ मुंशी वंशीधर की कहानी है, जो नमक की तस्करी करते हुए शक्तिशाली पंडित अलोपीदीन को पकड़ लेते हैं और भारी रिश्वत के बावजूद अपने कर्तव्य से नहीं हटते। ईमानदारी के कारण उन्हें सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ता है, लेकिन अंततः अलोपीदीन उनकी निष्ठा से प्रभावित होकर उन्हें अपनी पूरी जायदाद का स्थायी मैनेजर नियुक्त करता है।
Saut
प्रेमचंद की कहानी 'सौत' विवाह में ईर्ष्या, असुरक्षा और त्याग की कहानी है। पति के दूसरा विवाह करने के बाद दो स्त्रियों के बीच उत्पन्न तनाव और संबंधों के बदलते रूप के माध्यम से प्रेमचंद स्त्री-प्रतिस्पर्धा, प्रेम, ईर्ष्या और करुणा को सामने लाते हैं।
Sachchai Ka Uphar
प्रेमचंद की कहानी 'सच्चाई का उपहार' बाजबहादुर नामक एक सत्यवादी विद्यार्थी की कहानी है, जो अपने सहपाठियों द्वारा मदरसे की पुष्पवाटिका उजाड़े जाने पर झूठ बोलने से इनकार कर देता है। उसकी सच्चाई के कारण उसे मार सहनी पड़ती है, लेकिन उसके साहस, क्षमाशीलता और उदारता से अंततः सभी विद्यार्थी उसके प्रशंसक बन जाते हैं।
Seva Marg
प्रेमचंद की कहानी 'सेवा-मार्ग' तारा की कहानी है, जो बारह वर्षों की कठोर तपस्या के बाद धन, सौंदर्य और संसार के सभी सुख प्राप्त करती है। लेकिन उसे अनुभव होता है कि ऐश्वर्य और सौंदर्य प्रेम को नहीं पा सकते। अंततः वह सब कुछ त्यागकर सेवा का मार्ग अपनाती है और समझती है कि सेवा स्वयं सबसे बड़ा सुख और पुरस्कार है।
Sajjanta Ka Dand
प्रेमचंद की कहानी 'सज्जनता का दंड' शाहजहाँपुर के जिला इंजीनियर सरदार शिवसिंह की कहानी है, जो ईमानदार, न्यायप्रिय और निःस्वार्थ हैं तथा रिश्वत और कमीशन लेने से साफ इनकार करते हैं। उनकी ईमानदारी भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों को खटकती है और अंततः उन्हें अपने सिद्धांतों की कीमत पदावनति और तबादले के रूप में चुकानी पड़ती है।
Shikari Rajkumar
प्रेमचंद की कहानी 'शिकारी राजकुमार' एक ऐसे राजकुमार की कहानी है जो शिकार के पीछे जंगल में भटकते हुए एक संन्यासी से मिलता है। संन्यासी उसे सिखाता है कि असली शिकार निरीह पशुओं का वध करना नहीं, बल्कि उन अत्याचारी और भ्रष्ट लोगों के विरुद्ध खड़ा होना है जो कमजोरों का शोषण करते हैं।
S4Twatva Raksha
प्रेमचंद की कहानी 'स्वत्व-रक्षा' एक आत्मसम्मानी घोड़े की कहानी है, जो अपने विश्राम और स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए हर प्रकार की मार और जबरदस्ती का सामना करता है। विवाह की बारात में उसे ले जाने के प्रयास के बावजूद वह अपने स्वत्व से समझौता नहीं करता।
Vidhwans
प्रेमचंद की कहानी 'विध्वंस' भुनगी नाम की एक गरीब, निःसंतान गोंड़ विधवा की त्रासद कहानी है, जो बनारस के पास एक गाँव में भाड़ चलाकर अपना जीवनयापन करती है। जमींदार पंडित उदयभान उसके जीवन के एकमात्र सहारे को नष्ट कर देते हैं और उसे फिर से भाड़ बनाने से रोकते हैं। संघर्ष अंततः ऐसी विनाशकारी आग में बदल जाता है जो गाँव और स्वयं पंडित उदयभान की संपत्ति को भी भस्म कर देती है।
Visham Samasya
प्रेमचंद की कहानी 'विषम समस्या' गरीब नामक एक ईमानदार और मेहनती चपरासी की कहानी है, जिसे केवल इसलिए अपमान और उपेक्षा सहनी पड़ती है क्योंकि वह अधिकारियों को उपहार नहीं देता। जब कथावाचक उसे घर की चीजें लाकर देने की सलाह देता है, तो उपहारों से उसे सम्मान तो मिलता है, लेकिन धीरे-धीरे वही व्यवस्था उसकी सरलता और ईमानदारी को नष्ट कर देती है।
Vimata
प्रेमचंद की कहानी 'विमाता' सौतेली माँ और उसके बच्चों के संबंधों के माध्यम से परिवार, मातृत्व, संदेह, ईर्ष्या और सामाजिक धारणाओं की जटिलता को सामने लाती है।
Updesh
प्रेमचंद की कहानी 'उपदेश' खोखली देशभक्ति और उच्च वर्ग के दिखावटी समाज-सेवा की तीखी आलोचना है। पंडित देवरत्न शर्मा जैसे शिक्षित और प्रतिष्ठित समाजसेवी के माध्यम से प्रेमचंद दिखाते हैं कि देशसेवा और किसानों के प्रति वास्तविक जिम्मेदारी की बातें करना आसान है, लेकिन संकट और स्वार्थ के सामने उन आदर्शों पर अमल करना कठिन है।
मानसरोवर भाग 8 मुंशी प्रेमचंद के सर्वश्रेष्ठ कथा-साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसमें संग्रहीत कहानियाँ सामाजिक यथार्थ, ग्रामीण जीवन की करुणा और मानवीय संवेदनाओं का सजीव वर्णन प्रस्तुत करती हैं। ऊपर दी गई सूची से आप भाग 8 की किसी भी कहानी को चुनकर उसका पूर्ण पाठ पढ़ सकते हैं।