मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियाँ (भाग-6)
मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी श्रृंखला ‘मानसरोवर भाग-6’ में संकलित कुल 20 अमर रचनाएँ। ऑनलाइन निःशुल्क पढ़ें।
Aabhushan
प्रेमचंद की कहानी 'आभूषण' आभूषणों के मोह, धन-संपत्ति और पारिवारिक सुख के बीच के संघर्ष को प्रस्तुत करती है। कहानी दिखाती है कि बाहरी वैभव और सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह किस प्रकार पारिवारिक संबंधों और जीवन के वास्तविक सुख को प्रभावित कर सकती है।
Aap Beeti
प्रेमचंद की कहानी 'आप-बीती' विश्वास, छल, स्वार्थ, दया और आत्मग्लानि की यथार्थवादी कथा है। एक कवि-मित्र द्वारा ठगे जाने के बाद कथावाचक एक बीमार युवक की आर्थिक सहायता करने से केवल इस डर से इनकार कर देता है कि कहीं वह भी उसके साथ धोखा न कर दे। बाद में उसे अपने व्यवहार और दूसरों को दिए जाने वाले अपने नैतिक उपदेशों के बीच का विरोधाभास समझ में आता है।
Amavasya Ki Raat
प्रेमचंद की कहानी 'अमावस्या की रात' गरीबी, बीमारी, धन और मानवीय विवशता की मार्मिक कथा है। पंडित देवदत्त को अपने पूर्वजों की पुरानी चिट्ठियों में छिपे धन का वास्तविक मूल्य तब समझ में आता है जब उनकी पत्नी गिरिजा की मृत्यु हो चुकी होती है।
Adhikar Chinta
प्रेमचंद की कहानी 'अधिकार-चिन्ता' टॉमी नामक कुत्ते के माध्यम से सत्ता, अधिकार, महत्वाकांक्षा और उसे खोने के भय पर व्यंग्य करती है। जिस अधिकार को पाने के लिए टॉमी तरसता है, उसे प्राप्त करने के बाद उसकी रक्षा की चिंता ही अंततः उसके प्राण ले लेती है।
Dhokha
प्रेमचंद की कहानी 'धोखा' राजकुमारी प्रभा की प्रेमकथा है, जिसे एक मधुर स्वर वाले योगी गायक से प्रेम हो जाता है। विवाह के बाद भी वह उस प्रेम को भुला नहीं पाती, लेकिन उसका पति राजा हरिश्चंद्र योगी का वेश धारण करके उसके हृदय की सच्चाई जानने और उसका प्रेम पाने की योजना बनाता है।
Chakma
प्रेमचंद की कहानी 'चकमा' स्वदेशी आंदोलन, विदेशी कपड़ों के बहिष्कार और औपनिवेशिक पुलिस-व्यवस्था पर आधारित राजनीतिक कथा है। सेठ चंदूमल अपने व्यापार और सरकारी संबंधों के कारण कांग्रेस का विरोध करते हैं, लेकिन पुलिस की क्रूरता का प्रत्यक्ष अनुभव उनके दृष्टिकोण को बदल देता है।
Grih Daah
प्रेमचंद की कहानी 'गृह-दाह' विवाह, ईर्ष्या, सामाजिक रूढ़ियों और पारिवारिक संघर्ष की मार्मिक कथा है, जिसमें संदेह और भावनात्मक असुरक्षा धीरे-धीरे एक परिवार के सुख को नष्ट कर देती है।
Durasha
प्रेमचंद का प्रहसन 'दुराशा' पर्दा-प्रथा और स्त्रियों पर लगाए गए सामाजिक प्रतिबंधों पर तीखा व्यंग्य है। होली के दिन दयाशंकर की पत्नी सेवती घर से बाहर नहीं निकल सकती और पुरुषों के सामने नहीं आ सकती, जिसके कारण मेहमानों के लिए भोजन तैयार नहीं हो पाता। इस हास्यास्पद स्थिति से दयाशंकर को अपनी मान्यताओं की वास्तविकता का एहसास होता है।
Jugnu Ki Chamak
प्रेमचंद की कहानी 'जुगनू की चमक' पंजाब की महारानी चंद्रकुँवरि की ऐतिहासिक कथा है, जो चुनार के किले से निकलकर अपने लिए सुरक्षित आश्रय की तलाश में नेपाल पहुँचती हैं। राणा जंगबहादुर द्वारा ब्रिटिश दबाव के बावजूद उन्हें शरण और सम्मान देना प्रेमचंद के लिए भारतीय इतिहास की अँधेरी रात में जुगनू की चमक के समान है।
Laag Daat
प्रेमचंद की कहानी 'लाग-डाट' तीन पीढ़ियों से चले आ रहे जोखू भगत और बेचन चौधरी के वैर की कथा है। उनकी व्यक्तिगत दुश्मनी पूरे गाँव को दो विरोधी दलों में बाँट देती है, लेकिन स्वराज्य आंदोलन के प्रभाव से वही प्रतिद्वंद्विता अंततः दोनों को एकता और देशहित की ओर ले जाती है।
Paap Ka Agnikund
प्रेमचंद की कहानी 'पाप का अग्निकुंड' प्रतिशोध, राजपूती मर्यादा और पाप के विनाशकारी परिणामों की त्रासद कथा है। ब्रजविलासिनी के पिता की हत्या एक युवा राजपूत के हाथों होने के बाद वह बदला लेने की प्रतिज्ञा करती है। यह प्रतिशोध ऐसी घटनाओं की श्रृंखला शुरू करता है जिसमें अंततः दो राजवंशों के चार लोगों का जीवन नष्ट हो जाता है।
Pachhtawa
प्रेमचंद की कहानी 'पछतावा' पंडित दुर्गानाथ की सत्यनिष्ठा और नैतिक साहस की कथा है। जमींदार के दबाव के बावजूद वे गरीब किसानों के विरुद्ध झूठी गवाही देने से इनकार करते हैं। वर्षों बाद वही जमींदार उनकी ईमानदारी का वास्तविक मूल्य समझता है और अपने निर्णय पर पछताता है।
Mrityu Ke Pichhe
प्रेमचंद की कहानी 'मृत्यु के पीछे' ईश्वरचंद्र नामक एक वकील की कहानी है जो कानून का पेशा छोड़कर पत्रकारिता और समाजसेवा को अपना जीवन समर्पित कर देता है। उसकी पत्नी मानकी उसके आदर्शों के कारण होने वाले आर्थिक और पारिवारिक कष्टों से दुखी रहती है, लेकिन ईश्वरचंद्र की मृत्यु के बाद जब पूरा समाज उसके त्याग और सेवा का सम्मान करता है, तब मानकी को अपने पति के जीवन का वास्तविक मूल्य समझ में आता है।
Maryada Ki Vedi
प्रेमचंद की कहानी 'मर्यादा की वेदी' राजपूत राजकुमारी प्रभा की त्रासद प्रेमकथा है, जिसे उसके विवाह के दिन चित्तौड़ का राणा भोजराज बलपूर्वक उठा ले जाता है। अपने प्रेम, कर्तव्य, लोक-लाज और राजपूत मर्यादा के बीच संघर्ष करती प्रभा अंततः ऐसा त्याग करती है जिसका अंत उसके और मंदार कुमार दोनों के जीवन के बलिदान में होता है।
Raja Hardaul
प्रेमचंद की कहानी 'राजा हरदौल' बुंदेलखंड के वीर राजकुमार हरदौल की ऐतिहासिक-भावात्मक कथा है। उनके बड़े भाई राजा जुझार सिंह को अपनी रानी चंपा और हरदौल के बीच अनुचित संबंध का संदेह हो जाता है। भाई के सम्मान और अपने निष्कलंक चरित्र को बचाने के लिए हरदौल ऐसा त्याग करता है जो अंततः उसकी मृत्यु का कारण बनता है।
Rani Sarandha
प्रेमचंद की ऐतिहासिक कहानी 'रानी सारंधा' बुंदेलखंड की आन-बान, स्वाभिमान और बलिदान की कथा है। राजा चंपतराय के मुगल अधीनता स्वीकार करने पर रानी सारंधा इसे अपनी और अपने कुल की प्रतिष्ठा के विरुद्ध मानती है। वह अपने पति को स्वतंत्रता और राजपूत मर्यादा का स्मरण कराती है और अंततः अपने पति, पुत्र तथा स्वयं के बलिदान के माध्यम से अपने आदर्श को चरम तक पहुँचाती है।
Rajya Bhakt
प्रेमचंद की ऐतिहासिक कहानी 'राज्य-भक्त' अवध के बादशाह नासिरुद्दीन के शासनकाल की पृष्ठभूमि में राजा बख्तावरसिंह की कथा है। राज्य के प्रति निष्ठावान राजा बख्तावरसिंह को अंग्रेजों और रोशनुद्दौला के षड्यंत्र से राज्य तथा बादशाह की रक्षा करते हुए अपने व्यक्तिगत अपमान और पीड़ा से ऊपर उठना पड़ता है।
Shaap
प्रेमचंद की कहानी 'शाप' पंडित श्रीधर और उनकी पतिव्रता पत्नी विद्याधरी की मार्मिक कथा है। राजा रणधीरसिंह के विद्याधरी के प्रति आकर्षण और एक बहुमूल्य कंगन के कारण पति-पत्नी के बीच संदेह और संकट उत्पन्न होता है। विद्याधरी के शाप से श्रीधर पशु-रूप में बदल जाते हैं और वर्षों के विरह तथा प्रायश्चित के बाद दोनों का पुनर्मिलन होता है।
Tyagi Ka Prem
प्रेमचंद की कहानी 'त्यागी का प्रेम' प्रेम, त्याग और निःस्वार्थ भावना की मार्मिक कहानी है, जिसमें व्यक्तिगत इच्छा से ऊपर दूसरे के सुख और कल्याण को महत्व दिया गया है।
Yahi Mera Watan Hai
प्रेमचंद की कहानी 'यही मेरा वतन है' (सोज़े वतन) जिसे 'यह मेरी मातृभूमि है' के नाम से भी जानते है, एक ऐसे वृद्ध भारतीय की मार्मिक कहानी है जो साठ वर्ष अमेरिका में बिताने के बाद अपनी मातृभूमि भारत लौटता है। उसे अपना पुराना गाँव और देश बहुत बदल चुका दिखाई देता है, लेकिन गंगा, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन के दर्शन उसकी मातृभूमि के प्रति पुराना प्रेम फिर जगा देते हैं।
मानसरोवर भाग 6 मुंशी प्रेमचंद के सर्वश्रेष्ठ कथा-साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसमें संग्रहीत कहानियाँ सामाजिक यथार्थ, ग्रामीण जीवन की करुणा और मानवीय संवेदनाओं का सजीव वर्णन प्रस्तुत करती हैं। ऊपर दी गई सूची से आप भाग 6 की किसी भी कहानी को चुनकर उसका पूर्ण पाठ पढ़ सकते हैं।