मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानियाँ (भाग-7)
मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी श्रृंखला ‘मानसरोवर भाग-7’ में संकलित कुल 23 अमर रचनाएँ। ऑनलाइन निःशुल्क पढ़ें।
Atmaram
प्रेमचंद की कहानी 'आत्माराम' महादेव नाम के एक वृद्ध सुनार और उसके प्रिय तोते आत्माराम की मार्मिक कहानी है। तोते के पिंजरे से उड़ जाने के बाद उसकी तलाश में निकला महादेव संयोग से मोहरों से भरा एक कलसा पा जाता है। यह घटना उसके जीवन में ऐसा परिवर्तन लाती है कि उसकी अंतरात्मा जाग उठती है और वह अपने पुराने छल-कपट तथा बेईमानी का प्रायश्चित करने लगता है।
Bank Ka Diwala
प्रेमचंद की कहानी 'बैंक का दिवाला' लखनऊ नेशनल बैंक, बरहल रियासत और उसके कर्ज से जुड़े लोगों की कहानी है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर लाला साईंदास बरहल की महारानी को भारी ऋण दिलाते हैं, लेकिन महारानी की मृत्यु के बाद रियासत उस ऋण को चुकाने से इनकार कर देती है। बैंक के डूबने पर हजारों जमाकर्ताओं के सामने संकट खड़ा हो जाता है और नए राजा कुँवर जगदीश सिंह के सामने कानूनी अधिकार और मानवीय जिम्मेदारी के बीच कठिन निर्णय आता है।
Do Bhai
प्रेमचंद की कहानी 'दो भाई' केदार और माधव नामक दो भाइयों की कहानी है, जिनका बचपन का गहरा प्रेम विवाह, ईर्ष्या, पारिवारिक कलह और आर्थिक कठिनाइयों के कारण धीरे-धीरे वैर में बदल जाता है। माधव के आर्थिक संकट के समय सामने आया व्यवहार उनके रिश्ते में छिपे स्वार्थ और अविश्वास को उजागर कर देता है।
Bade Ghar Ki Beti
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'बड़े घर की बेटी' आनंदी की समझदारी, धैर्य और उदारता की कहानी है। ससुराल में देवर लालबिहारी के साथ हुए विवाद के बाद परिवार टूटने की स्थिति में पहुँच जाता है, लेकिन आनंदी अपनी सूझ-बूझ और क्षमाशीलता से दोनों भाइयों के बीच फिर से मेल करा देती है।
Fatiha
प्रेमचंद की कहानी 'फ़ातिहा' अनाथ और सैनिक असदखाँ की मार्मिक कहानी है, जो सीमा पर संघर्ष के दौरान अनजाने में अपने ही पिता की हत्या कर देता है। बाद में उसकी मुलाकात तूरया से होती है, जिसके माध्यम से उसे अपने परिवार और अपने अतीत का सत्य पता चलता है। कहानी अपराध-बोध, त्याग, पारिवारिक संबंध, प्रेम, प्रतिशोध और क्षमा को सामने लाती है।
Jihad
प्रेमचंद की कहानी 'जिहाद' धर्म, प्रेम, त्याग और मानवीयता के बीच संघर्ष की मार्मिक कहानी है। पश्चिमोत्तर के पर्वतीय क्षेत्र में एक हिंदू काफिले पर पठानों का हमला होता है। ख़ज़ाँचंद इस्लाम स्वीकार करने से इनकार कर मृत्यु को गले लगा लेता है, जबकि उसका मित्र धर्मदास प्राण बचाने के लिए धर्म परिवर्तन स्वीकार कर लेता है। ख़ज़ाँचंद का बलिदान अंततः श्यामा के हृदय को बदल देता है और पठानों के भीतर भी धर्मांधता को करुणा में बदल देता है।
Durga Ka Mandir
प्रेमचंद की कहानी 'दुर्गा का मंदिर' ईमानदारी, लोभ, आस्था और आत्मिक परिवर्तन की कहानी है। ब्रजनाथ को रास्ते में आठ गिन्नियाँ मिलती हैं और उनके सामने पराए धन को रखने या उसके मालिक को लौटाने का नैतिक संकट खड़ा हो जाता है। बाद में बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों के बीच उनकी पत्नी भामा अपने त्याग और आस्था से परिवार को सही रास्ते पर ले जाती है।
Juloos
प्रेमचंद की कहानी 'जुलूस' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिखी गई मार्मिक कहानी है। पूर्ण स्वराज्य के समर्थन में निकले जुलूस को दारोगा बीरबल सिंह अंग्रेज़ अधिकारियों के आदेश पर रोकता है। उसके द्वारा किए गए बल-प्रयोग से इब्राहिम अली की मृत्यु हो जाती है, लेकिन अपनी पत्नी मिट्ठन बाई की फटकार और अपने अपराध-बोध के कारण बीरबल सिंह का हृदय परिवर्तन होता है।
Lokmat Ka Samman
प्रेमचंद की कहानी 'लोकमत का सम्मान' बेचू नामक ईमानदार धोबी की कहानी है, जो गाँव में जमींदारों के अत्याचार से तंग आकर शहर चला जाता है और धीरे-धीरे शहरी जीवन की लालसाओं तथा आर्थिक दबाव के कारण अपने सिद्धांतों से समझौता करने लगता है। एक अपमानजनक घटना उसके भीतर सोई हुई अंतरात्मा को जगा देती है और वह फिर ईमानदारी के मार्ग पर लौटता है।
Jail
प्रेमचंद की ‘जेल’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिखी गई देशभक्ति-प्रधान कहानी है। कहानी एक ऐसी स्त्री के इर्द-गिर्द केंद्रित है जो देशसेवा के लिए जेल जाने को तैयार होती है। प्रेमचंद इसके माध्यम से दिखाते हैं कि राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में कारावास केवल सजा नहीं रह गया था, बल्कि देश के लिए त्याग, सम्मान और संघर्ष का प्रतीक बन गया था।
Maiku
प्रेमचंद की कहानी 'मैकू' एक लठैत की अंतरात्मा के जागरण की कहानी है। शराब की दुकान के सामने सत्याग्रह कर रहे कांग्रेस स्वयंसेवकों को हटाने के लिए बुलाया गया मैकू एक स्वयंसेवक को थप्पड़ मार देता है, लेकिन उसके धैर्य और त्याग से प्रभावित होकर उसके भीतर गहरा पश्चात्ताप पैदा होता है। वह शराब छोड़ने और राष्ट्रीय आंदोलन का साथ देने का निर्णय करता है।
Patni Se Pati
प्रेमचंद की कहानी 'पत्नी से पति' गोदावरी और उसके पति मिस्टर सेठ के वैचारिक संघर्ष की कहानी है। सेठ अंग्रेज़ी शासन की नौकरी और विदेशी वस्तुओं के समर्थक हैं, जबकि गोदावरी स्वदेशी और स्वतंत्रता आंदोलन से प्रभावित है। गोदावरी के साहस और देशभक्ति के कारण अंततः उनके वैवाहिक संबंध में भी एक महत्वपूर्ण परिवर्तन आता है।
Nag Puja
प्रेमचंद की कहानी 'नागपूजा' तिलोत्तमा के जीवन की रहस्यमय और त्रासद कहानी है, जिसके जन्म से एक काले नाग का संबंध माना जाता है। विवाह के अवसर पर उसके पति की सर्पदंश से मृत्यु हो जाती है और बाद में उसके पुनर्विवाह के समय भी एक नाग प्रकट होता है। कहानी अंधविश्वास, विधवा-विवाह, भाग्य, विज्ञान, भय और मानवीय विश्वास के रहस्यमय संबंध को सामने लाती है।
Prarabdh
प्रेमचंद की कहानी 'प्रारब्ध' लाला जीवनदास की मनोवैज्ञानिक और मार्मिक कहानी है, जो गंभीर बीमारी के कारण अपनी पत्नी प्रभावती और पुत्र लखनदास के भविष्य को लेकर निराश हो जाता है। वह उन्हें अपने पीछे होने वाले कष्टों से बचाने के लिए विष देने का प्रयास करता है और घर छोड़कर चला जाता है। पंद्रह वर्ष बाद लौटने पर जब उसे पता चलता है कि उसका परिवार उसके बिना सुखी और संपन्न हो गया, तो उसके भीतर अपराध-बोध, आस्था और प्रारब्ध को लेकर गहरा आत्ममंथन शुरू होता है।
Mahateerth
प्रेमचंद की कहानी 'महातीर्थ' कैलाशी नाम की एक दाई के निःस्वार्थ प्रेम और सेवा की मार्मिक कहानी है। रुद्र नामक बच्चे से गहरा लगाव होने के बाद उससे बिछड़ने पर कैलाशी का जीवन सूना हो जाता है। अंततः बच्चे के प्रति उसका प्रेम और सेवा ही उसके लिए उस तीर्थ से भी महान बन जाते हैं, जिसकी यात्रा करने वह निकली थी।
Panch Parmeshwar
प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'पंच परमेश्वर' जुम्मन शेख और अलगू चौधरी की गहरी मित्रता तथा न्याय के प्रति उनकी निष्ठा की कहानी है। जब दोनों को एक-दूसरे के विरुद्ध पंचायत में पंच बनने का अवसर मिलता है, तो व्यक्तिगत मित्रता और शत्रुता के ऊपर न्याय और कर्तव्य की भावना विजयी होती है।
Shanti
प्रेमचंद की कहानी 'शांति' पश्चिमी आधुनिकता और भारतीय पारंपरिक मूल्यों के द्वंद्व के बीच दांपत्य जीवन और आत्मिक शांति की तलाश को रेखांकित करती है।
Suhag Ki Sari
प्रेमचंद की कहानी 'सुहाग की साड़ी' स्वतंत्रता आंदोलन और स्वदेशी भावना की पृष्ठभूमि में लिखी गई मार्मिक कहानी है। श्यामा के पति वियोग और देशसेवा के आदर्श को अपने जीवन में धारण करने के बाद, वह उनके द्वारा लाई गई सुहाग की साड़ी को भी देशहित में त्याग देती है। निजी प्रेम और वैवाहिक स्मृति से जुड़ी वस्तु का यह त्याग उसके देशप्रेम और बलिदान का प्रतीक बन जाता है।
Samar Yatra
प्रेमचंद की कहानी 'समर यात्रा' सत्याग्रहियों के एक जत्थे के गाँव में पहुँचने और वहाँ के गरीब किसानों के भीतर स्वतंत्रता तथा आत्मसम्मान की चेतना जागने की कहानी है। नोहरी बुढ़िया, कोदई चौधरी और गाँव के अन्य लोगों के माध्यम से प्रेमचंद दिखाते हैं कि अंग्रेज़ी शासन के अत्याचार, बेगार, बढ़ते लगान और भय के बीच दबे हुए लोगों में साहस और प्रतिरोध की भावना कैसे पैदा होती है।
Sharab Ki Dukan
प्रेमचंद की कहानी 'शराब की दुकान' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और शराबबंदी के अभियान की पृष्ठभूमि में लिखी गई कहानी है। कांग्रेस के स्वयंसेवक शराब की दुकान के सामने धरना देकर लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। मिसेज सक्सेना के साहस, जयराम के संघर्ष और शराबियों की प्रतिक्रिया के माध्यम से कहानी देशसेवा, अहिंसा, सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को सामने लाती है।
Shankhnaad
प्रेमचंद की कहानी 'शंखनाद' गुमान नामक एक मस्तमौला और गैर-जिम्मेदार युवक के आत्मजागरण की कहानी है। परिवार से उपेक्षित और काम से दूर रहने वाला गुमान अपने बेटे के साथ घटी एक मार्मिक घटना के बाद अचानक अपनी जिम्मेदारियों को समझता है और कर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प करता है।
Vair Ka Ant
प्रेमचंद की कहानी 'वैर का अंत' दो भाइयों के बीच जमीन के विवाद से पैदा हुई वर्षों पुरानी दुश्मनी की कहानी है। मुकदमे, स्वार्थ और प्रतिशोध दोनों परिवारों को बर्बाद कर देते हैं, लेकिन जागेश्वर अपने चाचा के अनाथ बच्चों के प्रति करुणा दिखाकर अंततः पुरानी वैर-भावना को समाप्त कर देता है।
Vismriti
प्रेमचंद की कहानी 'विस्मृति' प्रेम, कुल-मर्यादा, त्याग और पश्चात्ताप की मार्मिक कहानी है। ललनसिंह और दूजी के संबंध को लेकर दूजी के भाई शानसिंह और गुमानसिंह हिंसा का मार्ग अपनाते हैं, जिसके कारण भाई-बहन चौदह वर्षों के लिए बिछड़ जाते हैं। वर्षों का वनवास अंततः उनके बीच एक अत्यंत भावुक पुनर्मिलन और पुराने घावों के भरने का कारण बनता है।
मानसरोवर भाग 7 मुंशी प्रेमचंद के सर्वश्रेष्ठ कथा-साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ है। इसमें संग्रहीत कहानियाँ सामाजिक यथार्थ, ग्रामीण जीवन की करुणा और मानवीय संवेदनाओं का सजीव वर्णन प्रस्तुत करती हैं। ऊपर दी गई सूची से आप भाग 7 की किसी भी कहानी को चुनकर उसका पूर्ण पाठ पढ़ सकते हैं।