रूहे-हयात
Rooh-e-Hayat
प्रेमचंद की कहानी 'रूहे-हयात' गुजराती नाम की एक अनाथ और स्वावलंबी स्त्री के अटूट जीवन-उत्साह, जुझारूपन और निःस्वार्थ समाज-सेवा की मर्मस्पर्शी कथा है।
Short Stories
भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।
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Rooh-e-Hayat
प्रेमचंद की कहानी 'रूहे-हयात' गुजराती नाम की एक अनाथ और स्वावलंबी स्त्री के अटूट जीवन-उत्साह, जुझारूपन और निःस्वार्थ समाज-सेवा की मर्मस्पर्शी कथा है।
Raja Hardaul
प्रेमचंद की कहानी 'राजा हरदौल' बुंदेलखंड के वीर राजकुमार हरदौल की ऐतिहासिक-भावात्मक कथा है। उनके बड़े भाई राजा जुझार सिंह को अपनी रानी चंपा और हरदौल के बीच अनुचित संबंध का संदेह हो जाता है। भाई के सम्मान और अपने निष्कलंक चरित्र को बचाने के लिए हरदौल ऐसा त्याग करता है जो अंततः उसकी मृत्यु का कारण बनता है।
Neki
प्रेमचंद की ‘नेकी’ निःस्वार्थ भलाई, स्वाभिमान और मानवता के मूल्य पर आधारित एक मार्मिक सामाजिक कहानी है। रेवती, उसकी विधवा सास और उदार तख्तसिंह के माध्यम से प्रेमचंद गरीबी, सामाजिक दायित्व और ऐसी नेकी के बीच का अंतर दिखाते हैं जिसमें किसी प्रतिफल या यश की इच्छा नहीं होती।
Rani Sarandha
प्रेमचंद की ऐतिहासिक कहानी 'रानी सारंधा' बुंदेलखंड की आन-बान, स्वाभिमान और बलिदान की कथा है। राजा चंपतराय के मुगल अधीनता स्वीकार करने पर रानी सारंधा इसे अपनी और अपने कुल की प्रतिष्ठा के विरुद्ध मानती है। वह अपने पति को स्वतंत्रता और राजपूत मर्यादा का स्मरण कराती है और अंततः अपने पति, पुत्र तथा स्वयं के बलिदान के माध्यम से अपने आदर्श को चरम तक पहुँचाती है।
Mahari
प्रेमचंद की कहानी 'महरी' एक डाक बाबू के घरेलू जीवन पर आधारित व्यंग्यात्मक कहानी है, जो फैशन के तौर पर महरी रखने की नाकाम कोशिशों के बाद अपनी पत्नी के समर्पण का मूल्य समझता है।
Manawan
प्रेमचंद की कहानी 'मनावन' बाबू दयाशंकर और उनकी पत्नी गिरिजा के रूठने-मनाने, दम्पति के आपसी नोक-झोंक और दांपत्य प्रेम के ताने-बाने को उजागर करती है।
Mandir Aur Masjid
प्रेमचंद की कहानी 'मंदिर और मस्जिद' सांप्रदायिक सौहार्द, धार्मिक सहिष्णुता और दुखद बलिदान की एक मार्मिक कथा है जिसमें चौधरी इतरत अली और उनके वफादार सेवक भजनसिंह का वृत्तांत है।
Meri Pehli Rachna
प्रेमचंद की कहानी 'मेरी पहली रचना' लेखक के बचपन, उर्दू उपन्यासों के प्रति उनके प्रेम और उनके द्वारा लिखे गए पहले हास्य नाटक की एक आत्मकथात्मक रचना है।
Milap
प्रेमचंद की कहानी 'मिलाप' नानकचंद और ललिता की कथा है, जहाँ नानकचंद ललिता को साथ ले जाकर झूठी मौत की खबर फैलाता है, पर जीवन की त्रासदियों के बाद पश्चाताप से भरकर उसे पुनः अपनाता है।
Mubarak Bimari
प्रेमचंद की कहानी 'मुबारक बीमारी' लाला हरनामदास और उनके शिक्षित बेटे हरिदास की कहानी है, जिसमें पिता की बीमारी बेटे के लिए अपनी योग्यता और नए विचारों से व्यापार चमकाने का अवसर बन जाती है।
Nabi Ka Neeti Nirvah
प्रेमचंद की कहानी 'नबी का नीति-निर्वाह' हज़रत मोहम्मद के उच्च नैतिक आदर्शों, न्यायप्रियता और कर्तव्यपरायणता की एक प्रेरक गाथा है।
Paipuji
प्रेमचंद की कहानी 'पैपूजी' विवाह की कुरीतियों और वर-पक्ष के वर्चस्व पर करारा व्यंग्य करती है, जहाँ लेखक कन्या पक्ष के स्वाभिमान का समर्थन करता है।