कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत न्याय का कवर इमेज
विशेष
कहानी1924

न्याय

Nyay

‘न्याय’, जिसे ‘नबी का नीति-निर्वाह’ के नाम से भी जाना जाता है, प्रेमचंद की ऐसी कहानी है जिसमें न्याय की सर्वोच्च कसौटी यह है कि व्यक्ति अपने प्रियजन के साथ भी वही व्यवहार करे जो किसी दूसरे व्यक्ति के साथ करता। कहानी प्रारंभिक इस्लामी समाज की पृष्ठभूमि में जैनब और अबुलआस के दांपत्य को केंद्र में रखती है। जैनब नए धर्म के प्रति आकर्षित है, जबकि उसका पति अबुलआस अपनी स्वतंत्र विचारधारा और पुराने विश्वासों पर कायम रहता है। धार्मिक संघर्ष और युद्ध के बीच अबुलआस बंदी बना लिया जाता है और अंततः उसे पैगंबर मुहम्मद के सामने लाया जाता है। मुहम्मद उसे केवल अपना दामाद मानकर विशेष रियायत नहीं देते, बल्कि न्याय के समान नियम को उस पर भी लागू करते हैं। उनका व्यक्तिगत प्रेम कर्तव्य के आगे नहीं आता। कहानी न्याय को प्रेम और द्वेष दोनों से ऊपर उठकर नीति निभाने की क्षमता के रूप में प्रस्तुत करती है। अंततः अबुलआस अपने धन-संपत्ति का हिसाब साफ करके ऋण चुकाता है और स्वयं मुहम्मद की सेवा में लौट आता है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत पाप का अग्निकुंड का कवर इमेज
कहानी1910

पाप का अग्निकुंड

Paap Ka Agnikund

प्रेमचंद की कहानी 'पाप का अग्निकुंड' प्रतिशोध, राजपूती मर्यादा और पाप के विनाशकारी परिणामों की त्रासद कथा है। ब्रजविलासिनी के पिता की हत्या एक युवा राजपूत के हाथों होने के बाद वह बदला लेने की प्रतिज्ञा करती है। यह प्रतिशोध ऐसी घटनाओं की श्रृंखला शुरू करता है जिसमें अंततः दो राजवंशों के चार लोगों का जीवन नष्ट हो जाता है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत पछतावा का कवर इमेज
कहानी

पछतावा

Pachhtawa

प्रेमचंद की कहानी 'पछतावा' पंडित दुर्गानाथ की सत्यनिष्ठा और नैतिक साहस की कथा है। जमींदार के दबाव के बावजूद वे गरीब किसानों के विरुद्ध झूठी गवाही देने से इनकार करते हैं। वर्षों बाद वही जमींदार उनकी ईमानदारी का वास्तविक मूल्य समझता है और अपने निर्णय पर पछताता है।

34 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत प्रेम का उदय का कवर इमेज
कहानी1929

प्रेम का उदय

Prem Ka Uday

प्रेमचंद की 'प्रेम का उदय' गरीबी, दांपत्य जीवन, आत्मसम्मान और चरित्र-परिवर्तन की मार्मिक कहानी है। भोंदू चोरी से दूर रहकर मेहनत की कमाई पर जीवन बिताना चाहता है, लेकिन पत्नी बंटी की अभावग्रस्त इच्छाएँ उसे चोरी की ओर धकेलती हैं। पुलिस की क्रूरता और उसके बाद की त्रासदी बंटी के भीतर पति के प्रति नए प्रेम और सम्मान को जन्म देती है।

35 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मोटेराम जी शास्त्री का नैराश्य का कवर इमेज
कहानी1928

मोटेराम जी शास्त्री का नैराश्य

Moteram Jee Shastri Ka Nairashya

प्रेमचंद की कहानी 'मोटेराम जी शास्त्री का नैराश्य' पंडित मोटेराम की दावत की लालसा और अंततः घसीटे बनिये के घर ताला लगा मिलने पर हुई उनकी हास्यास्पद निराशा की कथा है।

18 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत नादान दोस्त का कवर इमेज
कहानी1928

नादान दोस्त

Nadan Dost

प्रेमचंद की कहानी 'नादान दोस्त' दो भाई-बहन, केशव और श्यामा की मासूमियत और नादानी की कहानी है, जो चिड़िया के अंडों की रक्षा की कोशिश में उन्हें अनजाने में नष्ट कर बैठते हैं।

16 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मंदिर का कवर इमेज
कहानी1927

मंदिर

Mandir

प्रेमचंद की 'मंदिर' जातिगत भेदभाव, मातृ-प्रेम, धार्मिक पाखंड और सामाजिक बहिष्कार पर आधारित अत्यंत मार्मिक कहानी है। दलित विधवा सुखिया अपने बीमार पुत्र जियावन के जीवन के लिए ठाकुर जी से प्रार्थना करना चाहती है, लेकिन मंदिर में प्रवेश करने से उसे रोक दिया जाता है। अंततः जब वह अपने बच्चे को लेकर मंदिर के भीतर जाने का साहस करती है, तो जाति-व्यवस्था के रक्षक उस पर हिंसक प्रहार करते हैं और उसका पुत्र तथा स्वयं सुखिया प्राण खो देते हैं।

26 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत माँगे की घड़ी का कवर इमेज
कहानी1927

माँगे की घड़ी

Mange Ki Ghadi

प्रेमचंद की 'माँगे की घड़ी' हास्य और मानवीय संवेदना से भरी कहानी है, जिसमें गरीबी, दांपत्य जीवन, आत्मसम्मान, मित्रता, दिखावा और आर्थिक जिम्मेदारी का चित्रण किया गया है। तीस रुपये मासिक वेतन पाने वाला एक कर्मचारी ससुराल में अपनी प्रतिष्ठा दिखाने के लिए मित्र से घड़ी माँगकर ले जाता है, लेकिन यही घड़ी उसे ऐसी परिस्थितियों में डाल देती है जिनसे अंततः वह मितव्ययिता, जिम्मेदारी और गृहस्थ जीवन के महत्व को समझता है।

27 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मंत्र का कवर इमेज
कहानी1926

मंत्र

Mantra

प्रेमचंद की कहानी 'मंत्र' आस्था, करुणा और मानवीयता की मार्मिक कथा है। एक गरीब बूढ़े भगत का वही डॉक्टर के पुत्र को बचाने के लिए आधी रात दौड़कर पहुँचना, जिसने कभी उसकी सहायता नहीं की थी, पेशेवर कर्तव्य और सच्ची मानवता के अंतर को उजागर करता है।

36 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत निमंत्रण का कवर इमेज
कहानी1926

निमंत्रण

Nimantran

प्रेमचंद की 'निमंत्रण' हास्य-व्यंग्य से भरपूर कहानी है, जिसमें पंडित मोटेराम शास्त्री और उनके मित्र पंडित चिंतामणि के माध्यम से भोजन-लालच, स्वार्थ, दिखावा, मित्रता, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक प्रतिष्ठा की विडंबनाओं को उजागर किया गया है। रानी साहब के यहाँ सात ब्राह्मणों के भोज का निमंत्रण मिलने पर मोटेराम अपने पूरे परिवार को अलग-अलग नामों से ब्राह्मण बनाकर ले जाने की योजना बनाते हैं। चिंतामणि को भोज से दूर रखने की कोशिश अंततः दोनों मित्रों के बीच हास्यास्पद प्रतिस्पर्धा और एक विचित्र भोजन-कांड को जन्म देती है।

51 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत परीक्षा का कवर इमेज
कहानी1926

परीक्षा

Pariksha

प्रेमचंद की कहानी 'परीक्षा' देवगढ़ रियासत के दीवान पद के लिए सरदार सुजानसिंह द्वारा ली गई अनोखी परीक्षा की कथा है, जिसमें केवल सच्चा दयालु और आत्मबली उम्मीदवार ही सफल होता है।

16 मिनट