काशी में आगमन
Kashi Mein Aagman
‘काशी में आगमन’ प्रेमचंद की ऐसी रचना है जो स्वतंत्र रूप से कहानी के रूप में भी प्रकाशित और संकलित हुई है तथा ‘वरदान’ उपन्यास के तेईसवें अध्याय के रूप में भी मौजूद है। इसलिए इसे अलग कहानी के रूप में रखना पुनरावृत्ति नहीं है। कहानी में बालाजी के काशी आगमन, उनके भव्य स्वागत और उनकी माँ तथा बचपन की साथी विरजन से होने वाले मार्मिक पुनर्मिलन का चित्रण है।