कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत काशी में आगमन का कवर इमेज
कहानी1908

काशी में आगमन

Kashi Mein Aagman

‘काशी में आगमन’ प्रेमचंद की ऐसी रचना है जो स्वतंत्र रूप से कहानी के रूप में भी प्रकाशित और संकलित हुई है तथा ‘वरदान’ उपन्यास के तेईसवें अध्याय के रूप में भी मौजूद है। इसलिए इसे अलग कहानी के रूप में रखना पुनरावृत्ति नहीं है। कहानी में बालाजी के काशी आगमन, उनके भव्य स्वागत और उनकी माँ तथा बचपन की साथी विरजन से होने वाले मार्मिक पुनर्मिलन का चित्रण है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दक्षिणी अफ्रीका में शेर का शिकार का कवर इमेज
कहानी

दक्षिणी अफ्रीका में शेर का शिकार

Dakshini Africa Mein Sher Ka Shikar

प्रेमचंद की बाल-कहानी 'दक्षिणी अफ्रीका में शेर का शिकार' एक शिकारी और उसकी पालतू शेरनी जिल की रोमांचक और अंततः मार्मिक कथा है। नैरोबी में शिकारी एक शेरनी को मारकर उसके दो बच्चों को अपने साथ ले आता है और उनमें से मादा बच्चे जिल को बड़े स्नेह से पालता है। जिल उसके साथ कुत्ते की तरह रहती है और उसकी आवाज पहचानती है। बाद में एक रात शिकारी अनजाने में एक शेर का शिकार करता है और जब वह उसके पास पहुँचता है, तब उसे पता चलता है कि मारा गया शेर कोई और नहीं बल्कि उसकी अपनी प्रिय पालतू शेरनी जिल थी।

8 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत डिप्टी श्यामाचरण का कवर इमेज
कहानी

डिप्टी श्यामाचरण

Deputy Shyamacharan

प्रेमचंद की ‘डिप्टी श्यामाचरण’ एक चरित्र-प्रधान सामाजिक कहानी है, जिसमें नगर के अत्यंत प्रतिष्ठित और ईमानदार सरकारी अधिकारी डिप्टी श्यामाचरण के सार्वजनिक व्यक्तित्व और उनके घरेलू जीवन के बीच का रोचक विरोधाभास सामने आता है। कहानी सामाजिक प्रतिष्ठा, पारिवारिक संबंधों, शिक्षा, घरेलू सत्ता और सार्वजनिक तथा निजी जीवन के अंतर पर हास्यपूर्ण ढंग से प्रकाश डालती है। यह रचना ‘वरदान’ के छठे अध्याय के रूप में भी उपलब्ध है और स्वतंत्र कहानी के रूप में भी प्रकाशित एवं संकलित की जाती रही है।

17 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गुब्बारे पर चीता का कवर इमेज
कहानी

गुब्बारे पर चीता

Gubbare Par Cheetah

प्रेमचंद की बाल-कथा ‘गुब्बारे पर चीता’ बलदेव नामक एक जिज्ञासु और साहसी बालक की रोमांचक घटना पर आधारित हास्यपूर्ण कहानी है। स्कूल की मनाही के बावजूद बलदेव सरकस देखने चला जाता है। वहाँ एक चीता पिंजरे से निकलकर उसका पीछा करने लगता है और अपनी जान बचाने के लिए बलदेव एक बड़े गुब्बारे पर चढ़ जाता है। चीता भी गुब्बारे पर पहुँच जाता है और रस्सी छूटते ही गुब्बारा दोनों को लेकर आकाश में उड़ जाता है। संकट की इस स्थिति में बलदेव घबराने के बावजूद अपनी सूझ-बूझ से गुब्बारे को नीचे लाने का उपाय करता है और अंततः सुरक्षित बच निकलता है।

10 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत इश्तिहारी शहीद का कवर इमेज
कहानी

इश्तिहारी शहीद

Ishtehari Shaheed

‘इश्तिहारी शहीद’ प्रेमचंद की हास्य-व्यंग्यपूर्ण कहानी है, जिसमें एक भोले पेंशनभोगी सज्जन एक मामूली घटना के कारण अप्रत्याशित मुसीबत में फँस जाते हैं। बाल उगाने की दवा से जुड़ी घटना और उससे पैदा हुआ भ्रम कहानी को हास्यपूर्ण बना देता है। इसके माध्यम से प्रेमचंद सामाजिक भोलेपन, दिखावे, विज्ञापन और सार्वजनिक प्रतिष्ठा की विडंबनाओं पर व्यंग्य करते हैं।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत जेल का कवर इमेज
कहानी

जेल

Jail

प्रेमचंद की ‘जेल’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिखी गई देशभक्ति-प्रधान कहानी है। कहानी एक ऐसी स्त्री के इर्द-गिर्द केंद्रित है जो देशसेवा के लिए जेल जाने को तैयार होती है। प्रेमचंद इसके माध्यम से दिखाते हैं कि राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में कारावास केवल सजा नहीं रह गया था, बल्कि देश के लिए त्याग, सम्मान और संघर्ष का प्रतीक बन गया था।

31 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत ज्योति का कवर इमेज
कहानी

ज्योति

Jyoti

प्रेमचंद की 'ज्योति' एक युवा विधवा बूटी के भीतर आए भावनात्मक परिवर्तन की कहानी है। पति की मृत्यु के बाद पाँच वर्षों से बूटी अपने तीन बच्चों को कठिन परिस्थितियों में पाल रही है। उसने अपने लिए दूसरा विवाह करने की संभावना छोड़ दी और अपनी इच्छाओं को दबाते-दबाते उसका स्वभाव कठोर हो गया। वह अपने बड़े बेटे मोहन के रूपिया से प्रेम को भी संदेह की दृष्टि से देखती है। लेकिन जब मोहन परिवार के प्रति स्नेह और उदारता दिखाने लगता है, तो बूटी के भीतर वर्षों से दबा मातृत्व और प्रेम फिर जाग उठता है। बाद में उसे पता चलता है कि जिसे वह केवल शौक-सिंगार में लगी लड़की समझती थी, वही रूपिया कठिन समय में पड़ोस की स्त्री की सहायता करती रही है। बूटी का संदेह करुणा में बदल जाता है और अंततः वह स्वयं मोहन और रूपिया के विवाह की बात आगे बढ़ाती है। कहानी दिखाती है कि स्नेह मनुष्य के भीतर जमी कटुता, अकेलेपन और संदेह को बदल सकता है।

28 मिनट