फ़ातिहा
Fatiha
प्रेमचंद की कहानी 'फ़ातिहा' अनाथ और सैनिक असदखाँ की मार्मिक कहानी है, जो सीमा पर संघर्ष के दौरान अनजाने में अपने ही पिता की हत्या कर देता है। बाद में उसकी मुलाकात तूरया से होती है, जिसके माध्यम से उसे अपने परिवार और अपने अतीत का सत्य पता चलता है। कहानी अपराध-बोध, त्याग, पारिवारिक संबंध, प्रेम, प्रतिशोध और क्षमा को सामने लाती है।