कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत हार की जीत का कवर इमेज
कहानी1920

हार की जीत

Haar Ki Jeet

प्रेमचंद की कहानी 'हार की जीत' डाकू खड़गसिंह और बाबा भारती की कहानी है। बाबा भारती अपने घोड़े सुल्तान से अत्यंत प्रेम करते हैं। जब खड़गसिंह छल से सुल्तान को चुरा लेता है, तो बाबा भारती का विश्वास और मानवीय करुणा उसके हृदय को बदल देती है और वह अंततः घोड़ा लौटा देता है।

46 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गृह-दाह का कवर इमेज
कहानी1919

गृह-दाह

Grih Daah

प्रेमचंद की कहानी 'गृह-दाह' विवाह, ईर्ष्या, सामाजिक रूढ़ियों और पारिवारिक संघर्ष की मार्मिक कथा है, जिसमें संदेह और भावनात्मक असुरक्षा धीरे-धीरे एक परिवार के सुख को नष्ट कर देती है।

47 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत इज़्ज़त का खून का कवर इमेज
कहानी1919

इज़्ज़त का खून

Izzat Ka Khoon

‘इज़्ज़त का खून’, जिसका मूल उर्दू शीर्षक ‘ख़ून-ए-हुरमत’ था, वैवाहिक विश्वासघात, आहत स्वाभिमान और अपमान के विनाशकारी परिणामों की त्रासद कहानी है। ज़ुबैदा का पति सईद, जो कभी उससे अत्यंत प्रेम करता था, बाद में ज़रीना के आकर्षण में पड़ जाता है। सईद और ज़रीना द्वारा ज़ुबैदा को अपमानित और प्रताड़ित किए जाने के बाद वह घर छोड़कर बदनामी की दुनिया में चली जाती है। अंततः सईद ज़रीना की हत्या करके स्वयं भी आत्महत्या कर लेता है और ज़ुबैदा के पास उनके पुराने प्रेम की कड़वी स्मृति ही शेष रह जाती है।

29 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत जंजाल का कवर इमेज
कहानी1918

जंजाल

Janjal

प्रेमचंद की ‘जंजाल’ एक संवेदनशील सामाजिक और मनोवैज्ञानिक कहानी है, जिसमें पार्वती और सुरेन्द्रनाथ के वैवाहिक जीवन के माध्यम से दबी हुई इच्छाओं, आर्थिक अभाव और सामाजिक अपेक्षाओं का चित्रण किया गया है। पार्वती अपने पति से कभी खुलकर कोई माँग नहीं करती, लेकिन गहनों और अच्छे कपड़ों की उसकी इच्छाएँ भीतर ही भीतर दबती रहती हैं। सुरेन्द्रनाथ अपनी सीमित आय के कारण उसकी इच्छाएँ पूरी नहीं कर पाते। प्रेमचंद दिखाते हैं कि प्रेम और संतोष के बावजूद आर्थिक विवशता तथा अनकही इच्छाएँ दांपत्य जीवन में किस प्रकार तनाव पैदा कर सकती हैं।

29 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दुर्गा का मंदिर का कवर इमेज
कहानी1917

दुर्गा का मंदिर

Durga Ka Mandir

प्रेमचंद की कहानी 'दुर्गा का मंदिर' ईमानदारी, लोभ, आस्था और आत्मिक परिवर्तन की कहानी है। ब्रजनाथ को रास्ते में आठ गिन्नियाँ मिलती हैं और उनके सामने पराए धन को रखने या उसके मालिक को लौटाने का नैतिक संकट खड़ा हो जाता है। बाद में बीमारी और आर्थिक कठिनाइयों के बीच उनकी पत्नी भामा अपने त्याग और आस्था से परिवार को सही रास्ते पर ले जाती है।

29 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत ईश्वरीय न्याय का कवर इमेज
कहानी1917

ईश्वरीय न्याय

Ishwariya Nyay

प्रेमचंद की कहानी 'ईश्वरीय न्याय' मनुष्य के कर्म, अपराध, दंड और न्याय की धारणा पर विचार करती है। कहानी यह प्रश्न उठाती है कि क्या न्याय केवल मनुष्य की अदालतों से मिलता है या कर्मों के परिणाम अंततः अपना न्याय स्वयं करते हैं।

52 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत घमण्ड का पुतला का कवर इमेज
कहानी1916

घमण्ड का पुतला

Ghamand Ka Putla

प्रेमचंद की ‘घमण्ड का पुतला’ सत्ता, स्वाभिमान, अहंकार और आध्यात्मिक श्रेष्ठता के अंतर को उजागर करने वाली कहानी है। सरयू नदी के किनारे पड़ाव डाले एक जिला मजिस्ट्रेट को कुंअर सज्जनसिंह के बारे में शिकायत मिलती है कि उन्होंने सरकारी अधिकारी के स्वागत में कोई खास सम्मान नहीं दिखाया। लेकिन सज्जनसिंह की स्वतंत्रता और आत्मसम्मान अधिकारी की जिज्ञासा बढ़ा देते हैं। बाद में एक साधु के सामने सज्जनसिंह को विनम्र देखकर अधिकारी की दृष्टि बदल जाती है और उसे समझ आता है कि वास्तविक महानता धन, पद और बाहरी वैभव में नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति में हो सकती है।

22 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत ग़ैरत की कटार का कवर इमेज
कहानी1915

ग़ैरत की कटार

Ghairat Ki Katar

प्रेमचंद की ‘ग़ैरत की कटार’ प्रेम, विश्वासघात, प्रतिशोध और खोखली इज्जत की मानसिकता के टकराव की प्रभावशाली कहानी है। हैदर अपनी पूर्व प्रेमिका नईमा के साथ हुए विश्वासघात से आहत होकर बदला लेने आता है। लेकिन नईमा अपने साहस और तर्क से उसके प्रतिशोध को उसी के विरुद्ध मोड़ देती है और उसे समझाती है कि मीठी बातों और शराब के प्याले के हाथों बिक जाने वाली ग़ैरत वास्तविक ग़ैरत नहीं है।

21 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दोनों तरफ से का कवर इमेज
कहानी1911

दोनों तरफ से

Dono Taraf Se

प्रेमचंद की प्रारंभिक कहानी ‘दोनों तरफ से’ अस्पृश्यता, जातिगत संबंधों और वंचित समुदायों की आर्थिक स्थिति के प्रश्न को उठाती है। पंडित श्यामस्वरूप और उनकी पत्नी के माध्यम से कहानी सामाजिक सुधार को केवल सहानुभूति तक सीमित न रखकर सामाजिक स्वीकार्यता और आर्थिक सहयोग—दोनों से जोड़ती है।

38 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गरीब की हाय का कवर इमेज
कहानी1911

गरीब की हाय

Gareeb Ki Haay

प्रेमचंद की कहानी 'गरीब की हाय' मूँगा नामक एक गरीब विधवा की कहानी है, जिसके धन को चाँदपुर गाँव के प्रतिष्ठित मुंशी रामसेवक हड़प लेते हैं। न्याय न मिलने और अपमान सहने के बाद मूँगा की मृत्यु के पश्चात उसकी 'हाय' का भय रामसेवक और उसके परिवार पर छा जाता है।

33 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दुनिया का सबसे अनमोल रतन का कवर इमेज
कहानी1907

दुनिया का सबसे अनमोल रतन

Duniya Ka Sabse Anmol Ratan

‘दुनिया का सबसे अनमोल रतन’ प्रेमचंद की पहली प्रकाशित कहानी मानी जाती है। कहानी में प्रेमी दिलफ़िगार को मलका दिलफ़रेब दुनिया की सबसे अनमोल वस्तु लाने की चुनौती देती है। उसकी खोज उसे एक अपराधी के आँसू और एक समर्पित स्त्री की चिता की राख से होते हुए उस अंतिम रक्त-बूंद तक ले जाती है जो अपने वतन की रक्षा करते हुए एक वीर सैनिक के शरीर से गिरती है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दुराशा का कवर इमेज
कहानी

दुराशा

Durasha

प्रेमचंद का प्रहसन 'दुराशा' पर्दा-प्रथा और स्त्रियों पर लगाए गए सामाजिक प्रतिबंधों पर तीखा व्यंग्य है। होली के दिन दयाशंकर की पत्नी सेवती घर से बाहर नहीं निकल सकती और पुरुषों के सामने नहीं आ सकती, जिसके कारण मेहमानों के लिए भोजन तैयार नहीं हो पाता। इस हास्यास्पद स्थिति से दयाशंकर को अपनी मान्यताओं की वास्तविकता का एहसास होता है।

26 मिनट