कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत विक्रमादित्य का तेगा का कवर इमेज
कहानी1911

विक्रमादित्य का तेगा

Vikramaditya Ka Tega

प्रेमचंद की ‘विक्रमादित्य का तेगा’ एक ऐतिहासिक-प्रेमप्रधान कहानी है जिसमें पेशावर के निकट एक गाँव में विक्रमादित्य का प्राचीन तेगा मिलने की घटना के माध्यम से न्याय, वीरता, त्याग और दुखियारों की सहायता के आदर्श सामने आते हैं। प्रेमसिंह, वृन्दा और श्यामा के जीवन से जुड़ी घटनाओं के माध्यम से कहानी अतीत की वीर-परंपरा को प्रेम, बलिदान और अन्याय के प्रतिरोध से जोड़ती है।

52 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत यही मेरा वतन है का कवर इमेज
कहानी1908

यही मेरा वतन है

Yahi Mera Watan Hai

प्रेमचंद की कहानी 'यही मेरा वतन है' (सोज़े वतन) जिसे 'यह मेरी मातृभूमि है' के नाम से भी जानते है, एक ऐसे वृद्ध भारतीय की मार्मिक कहानी है जो साठ वर्ष अमेरिका में बिताने के बाद अपनी मातृभूमि भारत लौटता है। उसे अपना पुराना गाँव और देश बहुत बदल चुका दिखाई देता है, लेकिन गंगा, भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक जीवन के दर्शन उसकी मातृभूमि के प्रति पुराना प्रेम फिर जगा देते हैं।

19 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत ताँगेवाले की बड़ का कवर इमेज
कहानी

ताँगेवाले की बड़

Tangewale Ki Bad

प्रेमचंद की ‘ताँगेवाले की बड़’ इलाहाबाद में एक लंबी ताँगे की सवारी के दौरान ताँगेवाले जुम्मन से हुई बातचीत पर आधारित हास्यपूर्ण रचना है। जुम्मन अपनी बातों, अनुभवों, शिकायतों और बढ़ा-चढ़ाकर सुनाई गई दास्तानों के माध्यम से पाठक का मनोरंजन करता है। उसकी बातचीत के बहाने प्रेमचंद ताँगेवालों के जीवन, रोज़गार, बदलते यातायात साधनों और समाज में आ रहे परिवर्तनों पर व्यंग्यपूर्ण दृष्टि डालते हैं।

17 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत तथ्य का कवर इमेज
कहानी

तथ्य

Tathya

प्रेमचंद की ‘तथ्य’ एक मार्मिक कहानी है जिसमें अमृत अपने बचपन की साथी पूर्णिमा से जीवन भर एकतरफा प्रेम करता है, लेकिन कभी अपने मन की बात उससे कह नहीं पाता। पूर्णिमा का विवाह एक धनी परिवार में हो जाने और उसके गाँव से चले जाने के बाद अमृत को अपने प्रेम और जीवन के बारे में उन सच्चाइयों का सामना करना पड़ता है जिन्हें वह वर्षों से अपने मन में ‘तथ्य’ समझता आया था। कहानी एकतरफा प्रेम, स्मृति, बदलते सामाजिक परिवेश और मानवीय धारणाओं की नश्वरता को सामने लाती है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत तिरसूल का कवर इमेज
कहानी

तिरसूल

Tirsool

प्रेमचंद की ‘तिरसूल’ (जिसे ‘त्रिशूल’ भी कहा जाता है) एक मार्मिक कहानी है जिसमें एक पूर्व सैनिक अपने फौजी जीवन की एक घटना को याद करता है। भयानक वर्षा और अंधेरी रात में उसे सैन्य छावनी के बाहर एक युवती दिखाई देती है। उसकी परिस्थिति देखकर सैनिक के सामने फौजी कानून और मानवीय करुणा के बीच चुनाव का प्रश्न खड़ा हो जाता है। कहानी कर्तव्य, प्रेम, दया, त्याग और एक मानवीय निर्णय के जीवनभर रहने वाले प्रभाव को सामने लाती है।

37 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत त्रिया चरित्र का कवर इमेज
कहानी

त्रिया चरित्र

Triya Charitra

प्रेमचंद की ‘त्रिया चरित्र’ एक सामाजिक और प्रेमप्रधान कहानी है जिसमें धनी सेठ लगनदास का गोद लिया हुआ पुत्र मगनदास अपने सुरक्षित और संपन्न जीवन से अचानक वंचित हो जाता है, जब सेठ को अपना सगा पुत्र प्राप्त होता है। घर छोड़ने के बाद वह गरीबी में जीवन बिताता है और रम्भा के प्रेम में पड़ जाता है, जबकि उसकी पत्नी इन्दिरा उसके जीवन से जुड़ी रहती है। प्रेम, विवाह, धन, असुरक्षा और बदलती परिस्थितियों के माध्यम से कहानी स्त्री के चरित्र के बारे में समाज में प्रचलित धारणाओं और मानवीय संबंधों की जटिलता पर व्यंग्य करती है।

46 मिनट