कहानी1931
उन्माद
Unmaad
प्रेमचंद की 'उन्माद' महत्वाकांक्षा, दांपत्य-त्याग, पश्चिमी जीवन के आकर्षण और स्वार्थ से पैदा होने वाली आत्म-विनाशकारी मानसिक स्थिति की त्रासद कहानी है। मनहर एक साधारण क्लर्क है, जिसकी पत्नी वागेश्वरी उसके अध्ययन और उन्नति के लिए अपना जीवन समर्पित कर देती है। उसकी मेहनत और त्याग से मनहर को इंग्लैंड जाकर गुप्तचर-कला का प्रशिक्षण लेने का अवसर मिलता है। इंग्लैंड पहुँचकर वह पश्चिमी सामाजिक जीवन, विलासिता और जेनी नामक अंग्रेज युवती के आकर्षण में पड़ जाता है। वह अपनी पत्नी के त्याग और सरलता को तुच्छ समझने लगता है और जेनी से विवाह कर लेता है। जेनी के सामाजिक प्रभाव से उसे भारत लौटने पर गुप्तचर विभाग में ऊँचा पद भी मिल जाता है। लेकिन दोनों के विवाह की बुनियाद अलग-अलग अपेक्षाओं पर है। मनहर जेनी से पारंपरिक पत्नी जैसी निष्ठा और अधीनता चाहता है, जबकि जेनी अपने स्वतंत्र जीवन और अधिकारों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। संबंध बिगड़ते-बिगड़ते मनहर शराब और मानसिक विघटन की ओर चला जाता है। वर्षों बाद वह भारत लौटता है, लेकिन इंग्लैंड, जेनी और अपने ऊँचे पद से जुड़े जीवन की स्मृति लगभग खो चुका है। वागेश्वरी उसके साथ फिर भी वही प्रेम और सेवा करती है। अंततः जेनी मनहर को खोजते हुए आती है और वागेश्वरी पर हमला करने का प्रयास करती है। मनहर अपनी पहली पत्नी की रक्षा करते हुए पिस्तौल छीन लेता है और स्वयं को गोली मार लेता है। प्रेमचंद दिखाते हैं कि जिस सफलता के लिए मनुष्य सच्चे संबंधों और कृतज्ञता को त्याग देता है, वह सफलता अंततः उसके लिए विनाश का कारण बन सकती है।
49 मिनट