कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत शिकारी राजकुमार का कवर इमेज
कहानी1914

शिकारी राजकुमार

Shikari Rajkumar

प्रेमचंद की कहानी 'शिकारी राजकुमार' एक ऐसे राजकुमार की कहानी है जो शिकार के पीछे जंगल में भटकते हुए एक संन्यासी से मिलता है। संन्यासी उसे सिखाता है कि असली शिकार निरीह पशुओं का वध करना नहीं, बल्कि उन अत्याचारी और भ्रष्ट लोगों के विरुद्ध खड़ा होना है जो कमजोरों का शोषण करते हैं।

22 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत शाप का कवर इमेज
कहानी1910

शाप

Shaap

प्रेमचंद की कहानी 'शाप' पंडित श्रीधर और उनकी पतिव्रता पत्नी विद्याधरी की मार्मिक कथा है। राजा रणधीरसिंह के विद्याधरी के प्रति आकर्षण और एक बहुमूल्य कंगन के कारण पति-पत्नी के बीच संदेह और संकट उत्पन्न होता है। विद्याधरी के शाप से श्रीधर पशु-रूप में बदल जाते हैं और वर्षों के विरह तथा प्रायश्चित के बाद दोनों का पुनर्मिलन होता है।

1 घंटे 26 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत शिकार का कवर इमेज
कहानी1910

शिकार

Shikar

प्रेमचंद की 'शिकार' दांपत्य जीवन में भावनात्मक उपेक्षा, स्त्री की आत्मसम्मानपूर्ण स्वतंत्रता और प्रेम की पुनर्खोज की कहानी है। रानी वसुधा एक समृद्ध घर में विवाह करके आती है और आरंभ में उसे लगता है कि संपत्ति ही सुख का आधार है। लेकिन शीघ्र ही उसे अनुभव होता है कि पति का प्रेम और साथ संपत्ति से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

34 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत सांसारिक प्रेम और देश प्रेम का कवर इमेज
कहानी1908

सांसारिक प्रेम और देश प्रेम

Sansarik Prem Aur Desh Prem

‘सांसारिक प्रेम और देश प्रेम’, जिसका मूल उर्दू शीर्षक ‘इश्क़-ए-दुनिया और हुब्ब-ए-वतन’ था, प्रेमचंद की आरंभिक देशभक्ति-प्रधान कहानियों में से एक है। कहानी इटली के देशभक्त मैजिनी और उसकी प्रेमिका मैग्डलीन के गहरे प्रेम पर आधारित है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत शेख मख़मूर का कवर इमेज
कहानी1908

शेख मख़मूर

Sheikh Makhmoor

‘शेख मख़मूर’ प्रेमचंद की आरंभिक देशभक्ति-प्रधान कहानियों में से एक है, जो उर्दू में प्रकाशित होकर ‘सोज़-ए-वतन’ में संकलित हुई। कहानी मसऊद की है, जो अपने पिता शाह बामुराद की विरासत और अपने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करता है।

41 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत शोक का पुरस्कार का कवर इमेज
कहानी1908

शोक का पुरस्कार

Shok Ka Puraskar

‘शोक का पुरस्कार’, जिसका मूल उर्दू शीर्षक ‘सिला-ए-मातम’ था, प्रेमचंद की आरंभिक कहानियों में से एक है और 1908 में प्रकाशित ‘सोज़े-वतन’ में संकलित थी। कहानी एक ऐसे नवयुवक की है जो विवाह के बावजूद अपनी पड़ोसिन लीलावती के प्रति आकर्षित है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत समस्या का कवर इमेज
कहानी

समस्या

Samasya

प्रेमचंद की 'समस्या' कार्यालयी जीवन में व्याप्त भ्रष्टाचार, उपहार-प्रथा, वर्गभेद और नैतिक पतन पर व्यंग्य है। गरीब नामक एक ईमानदार चपरासी मेहनत और आज्ञाकारिता के बावजूद उपेक्षित रहता है, लेकिन जब उसे पता चलता है कि सम्मान काम से नहीं बल्कि भेंट और प्रभाव से मिलता है, तो उसका स्वभाव धीरे-धीरे बदल जाता है।

16 मिनट