कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

पृष्ठ 6 / 27

मुंशी प्रेमचंद कृत धोखा का कवर इमेज
कहानी1916

धोखा

Dhokha

प्रेमचंद की कहानी 'धोखा' राजकुमारी प्रभा की प्रेमकथा है, जिसे एक मधुर स्वर वाले योगी गायक से प्रेम हो जाता है। विवाह के बाद भी वह उस प्रेम को भुला नहीं पाती, लेकिन उसका पति राजा हरिश्चंद्र योगी का वेश धारण करके उसके हृदय की सच्चाई जानने और उसका प्रेम पाने की योजना बनाता है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दो भाई का कवर इमेज
कहानी1916

दो भाई

Do Bhai

प्रेमचंद की कहानी 'दो भाई' केदार और माधव नामक दो भाइयों की कहानी है, जिनका बचपन का गहरा प्रेम विवाह, ईर्ष्या, पारिवारिक कलह और आर्थिक कठिनाइयों के कारण धीरे-धीरे वैर में बदल जाता है। माधव के आर्थिक संकट के समय सामने आया व्यवहार उनके रिश्ते में छिपे स्वार्थ और अविश्वास को उजागर कर देता है।

17 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत धर्मसंकट का कवर इमेज
कहानी1913

धर्मसंकट

Dharm Sankat

प्रेमचंद की कहानी 'धर्मसंकट' कामिनी और रूपचंद के प्रेम-संबंध तथा उससे उत्पन्न नैतिक संकट की कहानी है। कामिनी द्वारा अदालत में रूपचंद को पहचानने से इनकार करने के बाद रूपचंद के सामने उसके रहस्य को उजागर करने या उसकी लाज बचाने का कठिन निर्णय आता है।

20 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बड़े भाई साहब का कवर इमेज
कहानी1910

बड़े भाई साहब

Bade Bhai Sahab

प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'बड़े भाई साहब' दो भाइयों के प्रेम, शिक्षा, अनुशासन और बालमन की चंचलता की हास्यपूर्ण कथा है। बड़ा भाई पढ़ाई को लेकर अत्यंत गंभीर है, जबकि छोटा भाई खेल-कूद में अधिक रुचि रखता है और फिर भी परीक्षाओं में बार-बार सफल होता है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बड़े घर की बेटी का कवर इमेज
कहानी1910

बड़े घर की बेटी

Bade Ghar Ki Beti

प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी 'बड़े घर की बेटी' आनंदी की समझदारी, धैर्य और उदारता की कहानी है। ससुराल में देवर लालबिहारी के साथ हुए विवाद के बाद परिवार टूटने की स्थिति में पहुँच जाता है, लेकिन आनंदी अपनी सूझ-बूझ और क्षमाशीलता से दोनों भाइयों के बीच फिर से मेल करा देती है।

20 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत अमृत का कवर इमेज
कहानी

अमृत

Amrit

‘अमृत’, जिसका मूल शीर्षक ‘मौत और जिंदगी’ था, एक प्रसिद्ध शायर की कहानी है जिसकी रचनात्मक शक्ति अचानक समाप्त हो जाती है। प्रसिद्धि, प्रशंसा और सार्वजनिक जीवन से दूर होकर भी वह अपनी खोई हुई काव्य-प्रतिभा वापस नहीं पा सकता। अंततः आयशा आरिफ़ नामक एक संवेदनशील प्रशंसिका से उसका परिचय होता है, जो उसकी कविता को गहराई से समझती है। उसके प्रेम और आत्मीयता से शायर की रचनात्मक शक्ति फिर जाग उठती है। कहानी प्रेम को उस ‘अमृत’ के रूप में प्रस्तुत करती है जो मृतप्राय रचनात्मक चेतना को फिर जीवित कर देता है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बालक का कवर इमेज
कहानी

बालक

Balak

प्रेमचंद की 'बालक' कहानी सामाजिक प्रतिष्ठा, विधवा-विवाह, जातिगत रूढ़ियों और मनुष्यता की वास्तविक कसौटी पर केंद्रित है। कथावाचक एक संपन्न जमींदार है, जिसके यहाँ गंगू नाम का नौकर काम करता है। गंगू ब्राह्मण है और अपने आत्मसम्मान के कारण सामान्य नौकरों की तरह मालिक की खुशामद नहीं करता। जब वह गोमती देवी नाम की एक विधवा से विवाह करने का निर्णय लेता है, तो कथावाचक इस विवाह को अनुचित समझता है। गंगू नौकरी छोड़ देता है और गोमती से विवाह कर लेता है। दोनों साधारण जीवन शुरू करते हैं और कुछ समय बाद उनके यहाँ एक बच्चा जन्म लेता है। बच्चे के प्रति गंगू का प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मीयता धीरे-धीरे कथावाचक की धारणाएँ बदल देते हैं। कहानी दिखाती है कि सामाजिक पद, शिक्षा और प्रतिष्ठा मनुष्य के चरित्र के विश्वसनीय प्रमाण नहीं हैं; वास्तविक श्रेष्ठता स्वतंत्र विचार, प्रेम, जिम्मेदारी और मनुष्यता में है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बंद दरवाजा का कवर इमेज
कहानी

बंद दरवाजा

Band Darwaza

प्रेमचंद की कहानी 'बंद दरवाजा' बाल मनोविज्ञान की एक सूक्ष्म और मार्मिक झलक प्रस्तुत करती है, जहाँ दरवाजा अचानक बंद हो जाने पर बच्चे की सुरक्षा भावना और मनोदशा बदल जाती है।

6 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बाँका ज़मींदार का कवर इमेज
कहानी

बाँका ज़मींदार

Banka Zamindar

प्रेमचंद की कहानी 'बाँका ज़मींदार' एक स्वाभिमानी वकील और जमींदार ठाकुर प्रद्युम्न सिंह तथा उनके हिम्मतवर बंजारे असामियों के बीच आत्मसम्मान और अधिकार की परीक्षा की कथा प्रस्तुत करती है।

27 मिनट