कहानियाँ

Short Stories

भारतीय जनजीवन और समाज की यथार्थ तस्वीर प्रस्तुत करती प्रेमचंद की 300 से अधिक कालजयी कहानियाँ।

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मुंशी प्रेमचंद कृत अनाथ लड़की का कवर इमेज
कहानी1914

अनाथ लड़की

Anath Ladki

‘अनाथ लड़की’ प्रेमचंद की मार्मिक सामाजिक कहानी है, जिसमें रोहिणी नामक अनाथ बालिका और उसकी विधवा माँ रुक्मिणी के संघर्ष का चित्रण है। पूना की सरस्वती पाठशाला में सेठ पुरुषोत्तमदास रोहिणी से मिलते हैं और उसके पिता के स्नेह की आकांक्षा से प्रभावित होकर उसकी शिक्षा और पालन-पोषण का भार उठाते हैं। वर्षों की शिक्षा, संस्कार और संरक्षण से रोहिणी का जीवन बदल जाता है और अंततः उसका विवाह सेठ के शिक्षित पुत्र नरोत्तमदास से होता है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत अपनी करनी का कवर इमेज
कहानी1914

अपनी करनी

Apni Karni

‘अपनी करनी’, जिसका मूल शीर्षक ‘शामते आमाल’ था, वैवाहिक विश्वासघात, वासना, पारिवारिक उपेक्षा और पश्चाताप की कहानी है। धनी और शिक्षित कुँअर श्यामसिंह अपनी पतिव्रता पत्नी इंदुमती की उपेक्षा करके माली की बेटी फूलमती के आकर्षण में पड़ जाता है। धीरे-धीरे उसका यह संबंध उसके पारिवारिक जीवन, प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति को नष्ट कर देता है। महाराजा को उसके आचरण का पता चलने पर उसकी पुश्तैनी वसीका-राशि छिन जाती है और उसे अपने ही कर्मों के परिणाम का सामना करना पड़ता है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत अमावस्या की रात का कवर इमेज
कहानी1913

अमावस्या की रात

Amavasya Ki Raat

प्रेमचंद की कहानी 'अमावस्या की रात' गरीबी, बीमारी, धन और मानवीय विवशता की मार्मिक कथा है। पंडित देवदत्त को अपने पूर्वजों की पुरानी चिट्ठियों में छिपे धन का वास्तविक मूल्य तब समझ में आता है जब उनकी पत्नी गिरिजा की मृत्यु हो चुकी होती है।

28 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत अंधेर का कवर इमेज
कहानी1913

अंधेर

Andher

‘अंधेर’ प्रेमचंद की तीखी सामाजिक-व्यंग्यात्मक कहानी है, जिसमें ग्रामीण प्रतिद्वंद्विता, पुलिस-भ्रष्टाचार और अन्यायपूर्ण व्यवस्था के सामने साधारण व्यक्ति की विवशता का चित्रण है। साठे और पाठे गाँवों के बीच नागपंचमी के अवसर पर होने वाली कुश्ती से शुरू हुई कहानी गोपाल की विजय के बाद हिंसक प्रतिशोध में बदल जाती है। पुलिस के आने पर पीड़ित गोपाल ही सरकारी दमन और रिश्वतखोरी का शिकार बनने लगता है। कहानी के अंत में जब लोग उसकी रक्षा को सत्यनारायण की कृपा बताते हैं, तो गोपाल इसे ईश्वरीय चमत्कार नहीं बल्कि ‘अंधेर’ कहता है।

18 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत आल्हा का कवर इमेज
कहानी1912

आल्हा

Aalha

‘आल्हा’ प्रेमचंद की ऐतिहासिक-लोकगाथा पर आधारित कहानी है, जिसमें महोबा के प्रसिद्ध वीर भाइयों आल्हा और ऊदल की अद्भुत वीरता, निष्ठा और स्वामीभक्ति का चित्रण है। राजा परमाल और रानी मालिन्हा से उनके संबंध, माहिल की कुटिल राजनीति तथा पृथ्वीराज चौहान के आक्रमण के समय महोबा की रक्षा के लिए दोनों भाइयों की वापसी कहानी के प्रमुख प्रसंग हैं।

33 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत आखिरी मंज़िल का कवर इमेज
कहानी1911

आखिरी मंज़िल

Aakhiri Manzil

‘आखिरी मंज़िल’, जिसका मूल उर्दू शीर्षक ‘मंज़िल-ए-मक़सूद’ था, प्रेम, स्मृति और मृत्यु पर केंद्रित एक मार्मिक कहानी है। कथावाचक तीन वर्ष बाद उस मकान और बाग में लौटता है जहाँ कभी मोहिनी के साथ उसके जीवन के सुंदर क्षण बीते थे। उनकी बातचीत, कविता और गंगा के किनारे की एक रात की स्मृतियों के माध्यम से कहानी जीवन की नश्वरता और मनुष्य की उस अंतिम मंज़िल पर विचार करती है जहाँ अंततः हर जीवन पहुँचता है।

17 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत आखिरी तोहफ़ा का कवर इमेज
कहानी

आखिरी तोहफ़ा

Aakhiri Tohfa

‘आखिरी तोहफ़ा’ प्रेमचंद की कहानी है, जिसमें प्रेम, त्याग और मानवीय निर्णयों के भावनात्मक परिणामों को केंद्र में रखा गया है। कहानी यह दिखाती है कि व्यक्तिगत प्रेम और इच्छाएँ कई बार पारिवारिक परिस्थितियों तथा सामाजिक अपेक्षाओं से टकराती हैं।

34 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत अधिकार-चिन्ता का कवर इमेज
कहानी

अधिकार-चिन्ता

Adhikar Chinta

प्रेमचंद की कहानी 'अधिकार-चिन्ता' टॉमी नामक कुत्ते के माध्यम से सत्ता, अधिकार, महत्वाकांक्षा और उसे खोने के भय पर व्यंग्य करती है। जिस अधिकार को पाने के लिए टॉमी तरसता है, उसे प्राप्त करने के बाद उसकी रक्षा की चिंता ही अंततः उसके प्राण ले लेती है।

16 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत क्रिकेट मैच का कवर इमेज
कहानी1937

क्रिकेट मैच

Cricket Match

‘क्रिकेट मैच’ प्रेमचंद की व्यंग्यपूर्ण कहानी है, जिसमें क्रिकेट के माध्यम से नेतृत्व, योग्यता, विशेषाधिकार और औपनिवेशिक भारत की सामाजिक मानसिकता पर टिप्पणी की गई है। एक मजबूत भारतीय टीम केवल इसलिए हार जाती है कि उसका कप्तान योग्यता के बजाय धन और राजसी प्रतिष्ठा के आधार पर चुना जाता है। इसके बाद एक विदेशी युवती भारतीय खिलाड़ियों की नई टीम बनाती है और अनुशासन, उत्साह तथा अपने उदाहरण से उन्हें प्रेरित करती है।

44 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत डिमॉन्सट्रेशन का कवर इमेज
कहानी1936

डिमॉन्सट्रेशन

Demonstration

प्रेमचंद की 'डिमॉन्सट्रेशन' साहित्यिक दिखावे, चापलूसी, लालच और कला के व्यावसायीकरण पर तीखा हास्य-व्यंग्य है। गुरु प्रसाद और उनके मित्र अपने ऐतिहासिक नाटक को एक नाटक-कंपनी को बेचने के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन और अतिशयोक्तिपूर्ण प्रशंसा का सहारा लेते हैं, लेकिन अंत में कंपनी का मालिक उनसे भी अधिक चालाक सिद्ध होता है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत देवी का कवर इमेज
कहानी1935

देवी

Devi

प्रेमचंद की कहानी 'देवी' तुलिया नामक एक दलित स्त्री के असाधारण पतिव्रत, नैतिक साहस और धर्मपरायणता की गाथा है, जो अपनी चतुरता और त्याग से एक अनाथ विधवा को उसका अधिकार दिलाती है।

41 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बासी भात में खुदा का साझा का कवर इमेज
कहानी1934

बासी भात में खुदा का साझा

Basi Bhat Mein Khuda Ka Sajha

प्रेमचंद की 'बासी भात में खुदा का साझा' गरीबी, आस्था, अपराध-बोध और नैतिक दुविधा पर केंद्रित मनोवैज्ञानिक-सामाजिक कहानी है। एक वर्ष की बेरोजगारी और आर्थिक संकट के बाद दीनानाथ को पचास रुपये की नौकरी मिलती है और गौरी इसे ईश्वर की कृपा मानती है। कुछ समय बाद उसका मालिक उसे कार्यालय के हिसाब में जालसाजी करने के लिए तैयार करता है और तर्क देता है कि ऐसा करने से सौ कर्मचारियों की रोजी बच जाएगी। दीनानाथ अनिच्छा के बावजूद गलत काम कर देता है। उसे तरक्की और बोनस मिलता है, लेकिन उसका धार्मिक विश्वास उसे लगातार डराता रहता है कि इस पाप का दंड अवश्य मिलेगा। बच्चे के बीमार पड़ने और बाद में स्वयं दीनानाथ को मलेरिया होने पर वह सामान्य बीमारी को ईश्वरीय दंड समझने लगता है। उसकी पत्नी गौरी इन घटनाओं को ईश्वर की दया मानती है, जबकि दीनानाथ धीरे-धीरे ऐसे ईश्वर की धारणा को अस्वीकार करने लगता है जो मनुष्य को प्रेम के बजाय भय और दंड से नियंत्रित करता है। कहानी पाप, ईश्वरीय न्याय, मानवीय नैतिकता और आर्थिक विवशता के बीच के जटिल संबंध पर प्रश्न उठाती है।

24 मिनट