छोटी कहानियाँ

Quick Reads

15 मिनट से कम समय में पढ़ी जा सकने वाली प्रेमचंद की बेहतरीन छोटी कहानियाँ

इस संग्रह में कुल 8 रचनाएँ शामिल हैं
मुंशी प्रेमचंद कृत चोरी का कवर इमेज
कहानी1927

चोरी

Chori

प्रेमचंद की 'चोरी' गरीबी, भूख, बाल-मन, अपराध-बोध और मानवीय करुणा पर आधारित संक्षिप्त कहानी है। भूख से विवश होकर एक बच्चा चोरी करता है, लेकिन यह घटना उसके भीतर गहरे अपराध-बोध और नैतिक संघर्ष को जन्म देती है। प्रेमचंद चोरी को केवल व्यक्तिगत अपराध के रूप में नहीं देखते, बल्कि उन सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी प्रश्न उठाते हैं जो एक बच्चे को गलत रास्ते पर जाने के लिए विवश कर सकती हैं।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत इस्तीफ़ा का कवर इमेज
कहानी1928

इस्तीफ़ा

Istifa

प्रेमचंद की कहानी 'इस्तीफ़ा' सरकारी नौकरी, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना के संघर्ष की कथा है। औपनिवेशिक शासन की सेवा और अपने देश के प्रति कर्तव्य के बीच उत्पन्न नैतिक द्वंद्व अंततः त्याग और आत्मसम्मान की ओर ले जाता है।

27 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गुरु-मंत्र का कवर इमेज
कहानी1926

गुरु-मंत्र

Guru Mantra

प्रेमचंद की 'गुरु-मंत्र' धार्मिक पाखंड और बनावटी साधु-संस्कृति पर केंद्रित एक संक्षिप्त व्यंग्य-कथा है। घर के झगड़ों और निमंत्रणों की कमी से परेशान पंडित चिंतामणि अचानक वैराग्य ग्रहण कर साधु बनने का निश्चय करते हैं। उनके मित्र पंडित मोटेराम शास्त्री उन्हें साधु बनने की व्यावहारिक कला सिखाते हैं—कैसे दान माँगना है, गृहस्थों को किस प्रकार संबोधित करना है और कैसी टेढ़ी-मेढ़ी भाषा बोलनी है। लेकिन चिंतामणि को शीघ्र ही पता चलता है कि साधु का वेश धारण करना और वास्तव में साधु-संस्कृति के आचरण निभाना अलग बातें हैं। गांजा पीने वाले साधुओं के बीच उनकी चिलम न पी पाने की असमर्थता उनकी पोल खोल देती है। प्रेमचंद हास्य और व्यंग्य के माध्यम से वास्तविक आध्यात्मिकता और धार्मिक प्रदर्शन के बीच का अंतर उजागर करते हैं।

10 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत कश्मीरी सेब का कवर इमेज
कहानी1936

कश्मीरी सेब

Kashmiri Seb

‘कश्मीरी सेब’ प्रेमचंद की छोटी लेकिन तीखी व्यंग्य-कहानी है, जिसमें एक साधारण खरीदारी के अनुभव के माध्यम से रोजमर्रा के व्यापार में होने वाली बेईमानी पर टिप्पणी की गई है। कथावाचक कश्मीरी और अच्छे बताए गए चार सेब खरीदता है, लेकिन घर पहुँचने पर चारों खराब निकलते हैं। यह घटना उसे बेईमानी, विश्वास और स्वयं ग्राहक की सावधानी की जिम्मेदारी पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है।

9 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत जुरमाना का कवर इमेज
कहानी1935

जुरमाना

Jurmana

प्रेमचंद की ‘जुरमाना’ अलारक्खी नामक गरीब मेहतरानी के जीवन के माध्यम से आर्थिक शोषण, सत्ता के दुरुपयोग, स्त्री की असुरक्षा और श्रमिक जीवन की कठिनाइयों को सामने लाने वाली सामाजिक कहानी है। सफाई के दारोगा मुंशी खैरात अली खाँ उसके वेतन में बार-बार जुर्माना काटते हैं, जबकि अलारक्खी मेहनती और अपने काम के प्रति ईमानदार है। कहानी आगे चलकर यह भी दिखाती है कि अधिकार रखने वाला व्यक्ति अपनी गलती पहचानकर मानवीयता की ओर लौट सकता है।

13 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मोटर के छींटे का कवर इमेज
कहानी1936

मोटर के छींटे

Motor Ke Chhinte

प्रेमचंद की 'मोटर के छींटे' हास्य और व्यंग्य के माध्यम से वर्ग-अहंकार, सामाजिक असमानता और सार्वजनिक जीवन में शक्ति के असमान संबंधों पर चोट करती है। एक ब्राह्मण पंडित को तेज़ी से गुजरती मोटर कीचड़ के छींटों से भिगो देती है। अपमानित पंडित इसका बदला लेने के लिए मोटरवालों को रोकना शुरू कर देता है। धीरे-धीरे उसका निजी क्रोध सामाजिक प्रतिशोध का रूप ले लेता है। वह मोटरवालों को वही असुविधा और अपमान महसूस कराता है जिसे पैदल चलने वाले लोग झेलते हैं। एक अंग्रेज अधिकारी के साथ उसका टकराव कहानी के वर्ग और औपनिवेशिक सत्ता संबंधों को और तीखा कर देता है।

14 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत निमंत्रण का कवर इमेज
कहानी1926

निमंत्रण

Nimantran

प्रेमचंद की 'निमंत्रण' हास्य-व्यंग्य से भरपूर कहानी है, जिसमें पंडित मोटेराम शास्त्री और उनके मित्र पंडित चिंतामणि के माध्यम से भोजन-लालच, स्वार्थ, दिखावा, मित्रता, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक प्रतिष्ठा की विडंबनाओं को उजागर किया गया है। रानी साहब के यहाँ सात ब्राह्मणों के भोज का निमंत्रण मिलने पर मोटेराम अपने पूरे परिवार को अलग-अलग नामों से ब्राह्मण बनाकर ले जाने की योजना बनाते हैं। चिंतामणि को भोज से दूर रखने की कोशिश अंततः दोनों मित्रों के बीच हास्यास्पद प्रतिस्पर्धा और एक विचित्र भोजन-कांड को जन्म देती है।

51 मिनट