बलिदान
Balidan
प्रेमचंद की कहानी 'बलिदान' बूढ़े हरखू की कहानी है जो मृत्यु के समय अपनी सारी जमा-पूंजी स्वतंत्रता आंदोलन को दान कर देता है।
Tragedy & Sacrifice
मानवीय दुखों, त्याग, बलिदान और जीवन की यथार्थ परिस्थितियों पर मार्मिक कहानियाँ
Balidan
प्रेमचंद की कहानी 'बलिदान' बूढ़े हरखू की कहानी है जो मृत्यु के समय अपनी सारी जमा-पूंजी स्वतंत्रता आंदोलन को दान कर देता है।
Budhi Kaki
प्रेमचंद की कहानी 'बूढ़ी काकी' एक वृद्ध और असहाय स्त्री की मार्मिक कहानी है, जिसने अपनी संपत्ति भतीजे को सौंप दी है लेकिन बदले में उसे उपेक्षा और अपमान मिलता है। विवाह के अवसर पर एक छोटी लड़की की करुणा परिवार की स्वार्थपरता को उजागर करती है और बूढ़ी काकी को फिर से सम्मान और स्नेह मिलता है।
Doodh Ka Daam
प्रेमचंद की 'दूध का दाम' जाति-व्यवस्था, छुआछूत और श्रम के शोषण पर तीखा प्रहार करने वाली कहानी है। गरीब भंगी स्त्री भुंगी अपने बेटे मंगल के साथ-साथ जमींदार महेशनाथ के बेटे सुरेश को भी अपना दूध पिलाकर पालती है। उसका मातृ-दूध उस संपन्न परिवार के बच्चे के जीवन का आधार बनता है, लेकिन भुंगी और उसके बेटे को इसके बदले सम्मान या सुरक्षा नहीं मिलती। बाद में भुंगी को घर से निकाल दिया जाता है और उसकी मृत्यु के बाद मंगल अनाथ तथा निर्धन हो जाता है। सुरेश विशेषाधिकार और सुविधा में बड़ा होता है, जबकि मंगल जूठे भोजन और टुकड़ों पर जीवित रहने को मजबूर है। भुंगी के दूध के उस नैतिक ऋण को, जिसे समाज कहता है कि कोई चुका नहीं सकता, मंगल के हिस्से में सम्मान के बजाय भूख, अपमान और बहिष्कार मिलता है। शीर्षक इसी विडंबना को सामने लाता है।
Gareeb Ki Haay
प्रेमचंद की कहानी 'गरीब की हाय' मूँगा नामक एक गरीब विधवा की कहानी है, जिसके धन को चाँदपुर गाँव के प्रतिष्ठित मुंशी रामसेवक हड़प लेते हैं। न्याय न मिलने और अपमान सहने के बाद मूँगा की मृत्यु के पश्चात उसकी 'हाय' का भय रामसेवक और उसके परिवार पर छा जाता है।
Kafan
प्रेमचंद की कहानी 'कफ़न' घीसू और माधव की कहानी है जो मरती बहू के कफ़न के पैसे से दारू पीते हैं।
Sadgati
प्रेमचंद की कहानी 'सद्गति' जातिगत शोषण, गरीबी और धार्मिक पाखंड की तीखी कथा है। दुखी शुभ मुहूर्त पूछने के लिए पंडित घासीराम के घर जाता है और बदले में कठोर बेगार करता है, लेकिन अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है और उसकी लाश के साथ भी जातिगत भेदभाव जारी रहता है।
Sohag Ka Shav
प्रेमचंद की कहानी 'सोहाग का शव' विवाह, प्रेम, विश्वासघात और स्त्री के आत्मसम्मान की मार्मिक कथा है। प्रोफेसर केशव उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड जाते हैं और वहाँ दूसरी युवती के प्रेम में पड़ जाते हैं। उनकी पत्नी सुभद्रा जब उनके पास पहुँचती है तो उसे पता चलता है कि उसके विवाह का प्रेम भीतर से मर चुका है।
Vidhwans
प्रेमचंद की कहानी 'विध्वंस' भुनगी नाम की एक गरीब, निःसंतान गोंड़ विधवा की त्रासद कहानी है, जो बनारस के पास एक गाँव में भाड़ चलाकर अपना जीवनयापन करती है। जमींदार पंडित उदयभान उसके जीवन के एकमात्र सहारे को नष्ट कर देते हैं और उसे फिर से भाड़ बनाने से रोकते हैं। संघर्ष अंततः ऐसी विनाशकारी आग में बदल जाता है जो गाँव और स्वयं पंडित उदयभान की संपत्ति को भी भस्म कर देती है।