प्रेम कहानियाँ

Love & Romance

प्रेम, विरह, त्याग और मानवीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को उकेरती रचनाएँ

इस संग्रह में कुल 8 रचनाएँ शामिल हैं
मुंशी प्रेमचंद कृत रूठी रानी का कवर इमेज
उपन्यास1907

रूठी रानी

Roothi Rani

प्रेमचंद का ऐतिहासिक उपन्यास 'रूठी रानी' उमादे और राव मालदेव की कथा के माध्यम से राजपूती वीरता, आपसी राजनीतिक संघर्ष, राजदरबारी षड्यंत्र, बहुविवाह, स्त्री की स्थिति और व्यक्तिगत सम्मान तथा राजसत्ता के तनाव को प्रस्तुत करता है।

1 घंटे 52 मिनट10 अध्याय
मुंशी प्रेमचंद कृत एक्ट्रेस का कवर इमेज
कहानी1927

एक्ट्रेस

Actress

प्रेमचंद की कहानी 'एक्ट्रेस' सिनेमा, प्रसिद्धि, प्रेम, विवाह और ईर्ष्या की दुनिया को सामने लाती है। एक प्रसिद्ध अभिनेत्री के जीवन के माध्यम से कहानी दिखाती है कि मंच और पर्दे की चमक के पीछे व्यक्तिगत संबंध कितने जटिल और अस्थिर हो सकते हैं।

31 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत घासवाली का कवर इमेज
कहानी1929

घासवाली

Ghaswali

प्रेमचंद की 'घासवाली' जाति, गरीबी, स्त्री-अस्मिता और यौन उत्पीड़न पर केंद्रित एक सशक्त कहानी है। गरीब चमार स्त्री मुलिया घास बेचकर अपने परिवार का पालन करने में मदद करती है। ठाकुर चैनसिंह उसकी सुंदरता का लाभ उठाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार करने की कोशिश करता है। मुलिया डरने या झुकने के बजाय उसके सामने निर्भीकता से खड़ी होती है और उसे बताती है कि उसकी हिम्मत का आधार केवल जातिगत और आर्थिक सत्ता है। उसके तीखे प्रश्न चैनसिंह को अपने व्यवहार और सामाजिक पूर्वाग्रहों पर विचार करने के लिए मजबूर करते हैं। इसके बाद चैनसिंह का व्यवहार बदलने लगता है और वह अपने मजदूरों के साथ अधिक मानवीय व्यवहार करने लगता है। कहानी दिखाती है कि गरीबी स्त्री को असुरक्षित बनाती है, लेकिन उसकी गरिमा और आत्मसम्मान को समाप्त नहीं करती।

32 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत लैला का कवर इमेज
कहानी1926

लैला

Laila

प्रेमचंद की 'लैला' प्रेम, जनसत्ता, राजसत्ता और त्याग को एक साथ रखने वाली राजनीतिक-रोमांटिक कहानी है। तेहरान में एक रहस्यमय गायिका के रूप में प्रकट होने वाली लैला अपने गीतों के माध्यम से गरीबों में आशा जगाती है, राजाओं के विलास पर प्रश्न उठाती है और प्रेम तथा न्याय पर आधारित समाज का स्वप्न दिखाती है। शाहजादा नादिर उसके प्रेम में पड़ जाता है और अंततः उससे विवाह करता है। नादिर के बादशाह बनने पर लैला मलका बनती है। उनका निजी दांपत्य आदर्श है, लेकिन राजनीति में दोनों की प्रवृत्तियाँ अलग हैं—नादिर राजसत्ता का प्रतिनिधि है और लैला प्रजासत्ता की। लैला राजमहल के खर्च घटाकर जनता के हित में धन लगाती है और अन्न पर लगने वाला कर कम करवाती है, लेकिन अंततः वही जनता उसके विरुद्ध विद्रोह कर देती है। जब नादिर विद्रोह को सेना के बल से कुचलना चाहता है, लैला रक्तपात स्वीकार नहीं करती। वह अपने प्रेम को सत्ता और हिंसा का कारण बनने देने के बजाय नादिर को छोड़कर चली जाती है। कहानी प्रेम और सिद्धांत के बीच उस अंतिम त्याग को सामने रखती है जिसमें व्यक्ति अपने प्रिय को बचाने के लिए स्वयं उसके जीवन से दूर हो जाता है।

46 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत मंदिर का कवर इमेज
कहानी1927

मंदिर

Mandir

प्रेमचंद की 'मंदिर' जातिगत भेदभाव, मातृ-प्रेम, धार्मिक पाखंड और सामाजिक बहिष्कार पर आधारित अत्यंत मार्मिक कहानी है। दलित विधवा सुखिया अपने बीमार पुत्र जियावन के जीवन के लिए ठाकुर जी से प्रार्थना करना चाहती है, लेकिन मंदिर में प्रवेश करने से उसे रोक दिया जाता है। अंततः जब वह अपने बच्चे को लेकर मंदिर के भीतर जाने का साहस करती है, तो जाति-व्यवस्था के रक्षक उस पर हिंसक प्रहार करते हैं और उसका पुत्र तथा स्वयं सुखिया प्राण खो देते हैं।

26 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत त्यागी का प्रेम का कवर इमेज
कहानी1920

त्यागी का प्रेम

Tyagi Ka Prem

प्रेमचंद की कहानी 'त्यागी का प्रेम' प्रेम, त्याग और निःस्वार्थ भावना की मार्मिक कहानी है, जिसमें व्यक्तिगत इच्छा से ऊपर दूसरे के सुख और कल्याण को महत्व दिया गया है।

43 मिनट