बचपन की कहानियाँ

Childhood Tales

बच्चों के मनोविज्ञान, उनकी मासूमियत और उनके दृष्टिकोण को दर्शाती दिल को छू लेने वाली कहानियाँ

इस संग्रह में कुल 8 रचनाएँ शामिल हैं
मुंशी प्रेमचंद कृत चमत्कार का कवर इमेज
कहानी1932

चमत्कार

Chamatkar

प्रेमचंद की 'चमत्कार' प्रलोभन, नैतिक पतन और आत्मशुद्धि की कहानी है। गरीब लेकिन शिक्षित युवक चन्द्रप्रकाश ठाकुर साहब के बेटे को पढ़ाता है और परिवार में नौकर की तरह नहीं बल्कि घर के सदस्य की तरह सम्मान पाता है। जब उसे विवाह की पूरी व्यवस्था का जिम्मा मिलता है, तब वह महँगे गहनों को देखकर अपनी गरीबी और पत्नी चम्पा के अभाव से तुलना करने लगता है। ईर्ष्या धीरे-धीरे लालच और फिर चोरी में बदल जाती है और वह दुल्हन के गहने चुरा लेता है। बाद में चम्पा को गहने मिल जाते हैं और वह पति को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय उसे ठाकुर साहब के विश्वास और उपकार याद दिलाती है। उसके शब्द चन्द्रप्रकाश के विवेक को जगा देते हैं। वह अंततः गहने चुपचाप वापस रख देता है और परिवार को लगता है कि गहने किसी चमत्कार से वापस मिल गए। वास्तविक 'चमत्कार' किसी दैवी घटना में नहीं, बल्कि एक अपराध की ओर जा चुके मनुष्य के भीतर नैतिक चेतना के जागने में है।

37 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत बालक का कवर इमेज
कहानी

बालक

Balak

प्रेमचंद की 'बालक' कहानी सामाजिक प्रतिष्ठा, विधवा-विवाह, जातिगत रूढ़ियों और मनुष्यता की वास्तविक कसौटी पर केंद्रित है। कथावाचक एक संपन्न जमींदार है, जिसके यहाँ गंगू नाम का नौकर काम करता है। गंगू ब्राह्मण है और अपने आत्मसम्मान के कारण सामान्य नौकरों की तरह मालिक की खुशामद नहीं करता। जब वह गोमती देवी नाम की एक विधवा से विवाह करने का निर्णय लेता है, तो कथावाचक इस विवाह को अनुचित समझता है। गंगू नौकरी छोड़ देता है और गोमती से विवाह कर लेता है। दोनों साधारण जीवन शुरू करते हैं और कुछ समय बाद उनके यहाँ एक बच्चा जन्म लेता है। बच्चे के प्रति गंगू का प्रेम, जिम्मेदारी और आत्मीयता धीरे-धीरे कथावाचक की धारणाएँ बदल देते हैं। कहानी दिखाती है कि सामाजिक पद, शिक्षा और प्रतिष्ठा मनुष्य के चरित्र के विश्वसनीय प्रमाण नहीं हैं; वास्तविक श्रेष्ठता स्वतंत्र विचार, प्रेम, जिम्मेदारी और मनुष्यता में है।

24 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत कज़ाकी का कवर इमेज
कहानी1926

कज़ाकी

Kazaki

प्रेमचंद की कहानी 'कज़ाकी' बचपन की स्मृतियों, स्नेह, करुणा और मानवीय गरिमा की मार्मिक कथा है। कज़ाकी डाक विभाग का एक हँसमुख और साहसी हरकारा है, जो एक हिरन के बच्चे को पकड़ने में देर कर देता है और नौकरी खो देता है। उसके प्रति बालक का प्रेम और कज़ाकी का आत्मसम्मान कहानी को अत्यंत भावुक बना देते हैं।

35 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत गुब्बारे पर चीता का कवर इमेज
कहानी

गुब्बारे पर चीता

Gubbare Par Cheetah

प्रेमचंद की बाल-कथा ‘गुब्बारे पर चीता’ बलदेव नामक एक जिज्ञासु और साहसी बालक की रोमांचक घटना पर आधारित हास्यपूर्ण कहानी है। स्कूल की मनाही के बावजूद बलदेव सरकस देखने चला जाता है। वहाँ एक चीता पिंजरे से निकलकर उसका पीछा करने लगता है और अपनी जान बचाने के लिए बलदेव एक बड़े गुब्बारे पर चढ़ जाता है। चीता भी गुब्बारे पर पहुँच जाता है और रस्सी छूटते ही गुब्बारा दोनों को लेकर आकाश में उड़ जाता है। संकट की इस स्थिति में बलदेव घबराने के बावजूद अपनी सूझ-बूझ से गुब्बारे को नीचे लाने का उपाय करता है और अंततः सुरक्षित बच निकलता है।

10 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत रामलीला का कवर इमेज
कहानी1926

रामलीला

Ramleela

प्रेमचंद की 'रामलीला' बचपन की श्रद्धा, निष्कपट प्रेम और वयस्क समाज के पाखंड से हुए नैतिक जागरण की मार्मिक कहानी है। कथावाचक अपने बचपन को याद करता है, जब रामलीला में राम की भूमिका निभाने वाले रामचंद्र के प्रति उसकी श्रद्धा लगभग भक्ति जैसी थी। लेकिन दशहरे के अवसर पर वह देखता है कि समाज रामलीला के कलाकारों की उपेक्षा करते हुए एक नर्तकी पर धन लुटाता है। यह अनुभव उसके बाल-मन में धार्मिक आडंबर, सामाजिक प्रतिष्ठा और वास्तविक भक्ति के बीच का अंतर उजागर करता है।

23 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत नादान दोस्त का कवर इमेज
कहानी1928

नादान दोस्त

Nadan Dost

प्रेमचंद की कहानी 'नादान दोस्त' दो भाई-बहन, केशव और श्यामा की मासूमियत और नादानी की कहानी है, जो चिड़िया के अंडों की रक्षा की कोशिश में उन्हें अनजाने में नष्ट कर बैठते हैं।

16 मिनट