
प्रेम प्रतिमा
Prem Pratima
प्रेम प्रतिमा
Prem Pratima
मूल प्रकाशक / संकलन संदर्भ: सरस्वती प्रेस, बनारस
चरित्र मनोविज्ञान, निस्वार्थ सेवा और अंतरात्मा की पुकार पर केंद्रित अमर कहानियों का संग्रह।
ऐतिहासिक संदर्भ एवं पृष्ठभूमि
1926 में प्रकाशित इस संग्रह में "सुजान भगत" जैसी रचनाएँ संकलित थीं, जो धन-संपदा के अहंकार पर धर्म और निस्वार्थ सेवा की विजय दिखाती हैं।
साहित्यिक महत्व एवं सामाजिक प्रभाव
साधारण ग्रामीणों के उच्च नैतिक बोध और मानवीय गरिमा को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण संकलन।
संग्रह में संकलित कहानियाँ (4)
पुस्तक में शामिल सभी कहानियों की सूची एवं पढ़ने के विकल्प:
सुजान भगत
Sujaan Bhagat
सुजान महतो का संपत्ति परिजनों को सौंपने के बाद घर में अधिकार छिनने पर फिर से कठिन परिश्रम कर अपना स्थान प्राप्त करने का स्वाभिमानी आख्यान।
मंत्र
Mantra
डॉक्टर चड्ढा द्वारा निर्धन बालक को न देखने की संवेदनहीनता पर वृद्ध भगत की निस्वार्थ क्षमा और परोपकार।
अनुभव
Anubhav
जीवन के अनुभवों से प्राप्त नैतिक ज्ञान।
आंसुओं की होली
Aansuon Ki Holi
त्योहार के उल्लास के बीच गरीबों की उदासी का मार्मिक चित्रण।