प्रेम द्वादशी - मुंशी प्रेमचंद कहानी संग्रह
कथा-संग्रह1926
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प्रेम द्वादशी

Prem Dwadashi

मुंशी प्रेमचंद
मूल जीवनकाल संग्रह (1907–1936)प्रकाशन वर्ष: 1926

प्रेम द्वादशी

Prem Dwadashi

मूल प्रकाशक / संकलन संदर्भ: सरस्वती प्रेस, बनारस

निम्न-मध्यम वर्ग के आर्थिक दबावों, महाजनी शोषण और सामाजिक मर्यादा की 12 कहानियों का संकलन।

प्रमुख विषय:#आर्थिक शोषण#महाजनी प्रथा#शहरी पलायन

ऐतिहासिक संदर्भ एवं पृष्ठभूमि

1926 में प्रकाशित इस संग्रह में प्रेमचंद ने छोटे क्लर्कों, दुकानदारों और महाजनी तंत्र के कुचक्र में पिसे आम इंसानों की आपबीती दर्ज की।

साहित्यिक महत्व एवं सामाजिक प्रभाव

हिंदी साहित्य में ग्रामीण जीवन के साथ-साथ उदीयमान शहरी मध्यमवर्ग की समस्याओं का समावेश।

संग्रह में संकलित कहानियाँ (4)

पुस्तक में शामिल सभी कहानियों की सूची एवं पढ़ने के विकल्प:

कुल 4 कहानियाँ
#01पढ़ने हेतु उपलब्ध

विध्वंस

Vidhwans

भुनगी बुढ़िया का भाड़ जमींदार द्वारा तुड़वा दिए जाने के बाद उसकी चिता से पूरे जमींदार के महल के जल जाने की भयानक त्रासदी।

#02पढ़ने हेतु उपलब्ध

शांति

Shanti

पारिवारिक शांति और मानसिक उथल-पुथल का अध्ययन।

#03पढ़ने हेतु उपलब्ध

सुभागी

Subhagi

पुत्री सुभागी के कठिन परिश्रम से माता-पिता और कुल के नाम को रोशन करने की स्वाभिमानी कहानी।

#04आर्काइव सूचकांक

नरक का मार्ग

Narak Ka Marg

दुरुर्व्यसनों और अनैतिकता के दुष्परिणाम।

विवरण उपलब्ध