
कफ़न
Kafan
कफ़न
Kafan
मूल प्रकाशक / संकलन संदर्भ: जामिया मिलिया इस्लामिया / सरस्वती प्रेस, बनारस
प्रेमचंद का अंतिम जीवनकाल संग्रह, जिसमें उनकी कालजयी कहानी "कफ़न" तथा "ईदगाह", "बड़े भाई साहब" जैसी सर्वोत्कृष्ट रचनाएँ संकलित थीं।
ऐतिहासिक संदर्भ एवं पृष्ठभूमि
1936 में प्रकाशित "कफ़न" भारतीय यथार्थवादी साहित्य का शिखर माना जाता है। इसमें घीसू और माधव के माध्यम से भूख और भयंकर गरीबी द्वारा मानवीय संवेदनाओं के विनाश को नग्न रूप में प्रस्तुत किया गया है।
साहित्यिक महत्व एवं सामाजिक प्रभाव
विश्व साहित्य की महानतम यथार्थवादी लघु कथाओं में परिगणित।
संग्रह में संकलित कहानियाँ (4)
पुस्तक में शामिल सभी कहानियों की सूची एवं पढ़ने के विकल्प:
कफ़न
Kafan
घीसू और माधव का बुधिया के कफ़न के पैसों को शराब और पूड़ियों में उड़ाने की दिल दहलाने वाली यथार्थवादी त्रासदी।
ईदगाह
Idgah
मासूम हामिद का ईद के मेले में खिलौनों के बजाय अपनी दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदने का अमर वात्सल्य।
बड़े भाई साहब
Bade Bhai Sahab
बड़े भाई साहब के अनुशासन, पढ़ाई के तनाव और छोटे भाई के प्रति स्नेह का मनोवैज्ञानिक चित्रण।
गुल्ली डंडा
Gulli Danda
बचपन के खेल और बड़े होने पर पद-प्रतिष्ठा के कारण मित्रों के बीच आई दूरी।