कफ़न - मुंशी प्रेमचंद कहानी संग्रह
कथा-संग्रह1936
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कफ़न

Kafan

मुंशी प्रेमचंद
मूल जीवनकाल संग्रह (1907–1936)प्रकाशन वर्ष: 1936

कफ़न

Kafan

मूल प्रकाशक / संकलन संदर्भ: जामिया मिलिया इस्लामिया / सरस्वती प्रेस, बनारस

प्रेमचंद का अंतिम जीवनकाल संग्रह, जिसमें उनकी कालजयी कहानी "कफ़न" तथा "ईदगाह", "बड़े भाई साहब" जैसी सर्वोत्कृष्ट रचनाएँ संकलित थीं।

प्रमुख विषय:#भीषण गरीबी#संवेदना का लोप#कठोर यथार्थवाद

ऐतिहासिक संदर्भ एवं पृष्ठभूमि

1936 में प्रकाशित "कफ़न" भारतीय यथार्थवादी साहित्य का शिखर माना जाता है। इसमें घीसू और माधव के माध्यम से भूख और भयंकर गरीबी द्वारा मानवीय संवेदनाओं के विनाश को नग्न रूप में प्रस्तुत किया गया है।

साहित्यिक महत्व एवं सामाजिक प्रभाव

विश्व साहित्य की महानतम यथार्थवादी लघु कथाओं में परिगणित।

संग्रह में संकलित कहानियाँ (4)

पुस्तक में शामिल सभी कहानियों की सूची एवं पढ़ने के विकल्प:

कुल 4 कहानियाँ
#01पढ़ने हेतु उपलब्ध

कफ़न

Kafan

घीसू और माधव का बुधिया के कफ़न के पैसों को शराब और पूड़ियों में उड़ाने की दिल दहलाने वाली यथार्थवादी त्रासदी।

#02पढ़ने हेतु उपलब्ध

ईदगाह

Idgah

मासूम हामिद का ईद के मेले में खिलौनों के बजाय अपनी दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदने का अमर वात्सल्य।

#03पढ़ने हेतु उपलब्ध

बड़े भाई साहब

Bade Bhai Sahab

बड़े भाई साहब के अनुशासन, पढ़ाई के तनाव और छोटे भाई के प्रति स्नेह का मनोवैज्ञानिक चित्रण।

#04पढ़ने हेतु उपलब्ध

गुल्ली डंडा

Gulli Danda

बचपन के खेल और बड़े होने पर पद-प्रतिष्ठा के कारण मित्रों के बीच आई दूरी।