स्वतंत्रता संग्राम

Freedom & Patriotism

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रचनाएँ

इस संग्रह में कुल 8 रचनाएँ शामिल हैं
मुंशी प्रेमचंद कृत आहुति का कवर इमेज
कहानी1930

आहुति

Aahuti

‘आहुति’ प्रेमचंद की राजनीतिक और सामाजिक कहानी है, जिसकी पृष्ठभूमि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन है। कहानी के केंद्र में विश्वविद्यालय के तीन विद्यार्थी—आनंद, विशंभर और रूपमणि—हैं, जिनके शिक्षा, नौकरी, प्रेम और स्वराज्य के प्रति अलग-अलग दृष्टिकोण उनके आदर्शों को टकराव में ले आते हैं। प्रेमचंद उनके निर्णयों के माध्यम से बलिदान के अर्थ पर विचार करते हैं और यह प्रश्न उठाते हैं कि यदि सामाजिक और आर्थिक असमानताएँ बनी रहें तो केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का क्या मूल्य है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत दुनिया का सबसे अनमोल रतन का कवर इमेज
कहानी1907

दुनिया का सबसे अनमोल रतन

Duniya Ka Sabse Anmol Ratan

‘दुनिया का सबसे अनमोल रतन’ प्रेमचंद की पहली प्रकाशित कहानी मानी जाती है। कहानी में प्रेमी दिलफ़िगार को मलका दिलफ़रेब दुनिया की सबसे अनमोल वस्तु लाने की चुनौती देती है। उसकी खोज उसे एक अपराधी के आँसू और एक समर्पित स्त्री की चिता की राख से होते हुए उस अंतिम रक्त-बूंद तक ले जाती है जो अपने वतन की रक्षा करते हुए एक वीर सैनिक के शरीर से गिरती है।

25 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत जुलूस का कवर इमेज
कहानी1930

जुलूस

Juloos

प्रेमचंद की कहानी 'जुलूस' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पृष्ठभूमि में लिखी गई मार्मिक कहानी है। पूर्ण स्वराज्य के समर्थन में निकले जुलूस को दारोगा बीरबल सिंह अंग्रेज़ अधिकारियों के आदेश पर रोकता है। उसके द्वारा किए गए बल-प्रयोग से इब्राहिम अली की मृत्यु हो जाती है, लेकिन अपनी पत्नी मिट्ठन बाई की फटकार और अपने अपराध-बोध के कारण बीरबल सिंह का हृदय परिवर्तन होता है।

31 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत समर यात्रा का कवर इमेज
कहानी1930

समर यात्रा

Samar Yatra

प्रेमचंद की कहानी 'समर यात्रा' सत्याग्रहियों के एक जत्थे के गाँव में पहुँचने और वहाँ के गरीब किसानों के भीतर स्वतंत्रता तथा आत्मसम्मान की चेतना जागने की कहानी है। नोहरी बुढ़िया, कोदई चौधरी और गाँव के अन्य लोगों के माध्यम से प्रेमचंद दिखाते हैं कि अंग्रेज़ी शासन के अत्याचार, बेगार, बढ़ते लगान और भय के बीच दबे हुए लोगों में साहस और प्रतिरोध की भावना कैसे पैदा होती है।

33 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत शराब की दुकान का कवर इमेज
कहानी1930

शराब की दुकान

Sharab Ki Dukan

प्रेमचंद की कहानी 'शराब की दुकान' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और शराबबंदी के अभियान की पृष्ठभूमि में लिखी गई कहानी है। कांग्रेस के स्वयंसेवक शराब की दुकान के सामने धरना देकर लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। मिसेज सक्सेना के साहस, जयराम के संघर्ष और शराबियों की प्रतिक्रिया के माध्यम से कहानी देशसेवा, अहिंसा, सामाजिक सुधार और स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका को सामने लाती है।

42 मिनट
मुंशी प्रेमचंद कृत सत्याग्रह का कवर इमेज
कहानी1923

सत्याग्रह

Satyagrah

प्रेमचंद की 'सत्याग्रह' औपनिवेशिक शासन, राजनीतिक स्वार्थ और धार्मिक आडंबर पर तीखा व्यंग्य है। वायसराय के बनारस आगमन के समय कांग्रेस शहर में हड़ताल का आह्वान करती है। सरकारी अधिकारी और राजभक्त स्थानीय अभिजात वर्ग दुकानों को खुला रखने की हर कोशिश में असफल होते हैं। तब वे कांग्रेस के नैतिक बल की नकल करने के लिए पंडित मोटेराम शास्त्री को अनशन पर बैठाने की योजना बनाते हैं। मोटेराम धन और प्रतिष्ठा के लालच में इस 'सत्याग्रह' को स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन उनका सबसे बड़ा शत्रु स्वयं उनका पेट बन जाता है। प्रेमचंद हास्य के माध्यम से दिखाते हैं कि धार्मिक आस्था और नैतिक बल का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए कैसे किया जा सकता है और नकली नैतिकता वास्तविक जन-आंदोलन की बराबरी नहीं कर सकती।

38 मिनट