गुप्त धन (भाग 1 व 2) - मुंशी प्रेमचंद कहानी संग्रह
कथा-संग्रह1962 (मरणोपरांत)
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गुप्त धन (भाग 1 व 2)

Gupta Dhan

मुंशी प्रेमचंद
मरणोपरांत प्रामाणिक संग्रहप्रकाशन वर्ष: 1962 (मरणोपरांत)

गुप्त धन (भाग 1 व 2)

Gupta Dhan

मूल प्रकाशक / संकलन संदर्भ: सरस्वती प्रेस, इलाहाबाद (संपादक: अमृत राय)

प्रेमचंद के सुपुत्र अमृत राय द्वारा वर्षो के अनुसंधान से संपादित मरणोपरांत प्रामाणिक ग्रंथ, जिसमें 50 से अधिक दुर्लभ कहानियाँ संकलित की गईं।

प्रमुख विषय:#अभिलेखागार खोज#उर्दू-हिंदी रूपांतरण#दुर्लभ कथाएँ

ऐतिहासिक संदर्भ एवं पृष्ठभूमि

1962 में इलाहाबाद से प्रकाशित इस दो-खंडीय ग्रंथ में अमृत राय ने पुराने उर्दू-हिंदी पत्रों से प्रेमचंद की 50 से अधिक वे कहानियाँ खोजीं जो मुख्य पुस्तकों में छूट गई थीं।

साहित्यिक महत्व एवं सामाजिक प्रभाव

प्रेमचंद के संपूर्ण कथा-साहित्य को सहेजने वाला अमूल्य ग्रंथ।

संग्रह में संकलित कहानियाँ (2)

पुस्तक में शामिल सभी कहानियों की सूची एवं पढ़ने के विकल्प:

कुल 2 कहानियाँ
#01पढ़ने हेतु उपलब्ध

इज्ज़त का ख़ून

Izzat Ka Khoon

सामाजिक मर्यादा और स्वाभिमान की रक्षा पर आधारित दुर्लभ कथा।

#02आर्काइव सूचकांक

हबाब-ए-हस्ती

Habab-e-Hasti

जीवन की नश्वरता और मानवीय संबंधों का आख्यान।

विवरण उपलब्ध